हल्की धुंध के साथ अब बादलों ने बढ़ाई ठिठुरन
बुलंदशहर। जिले में बृहस्पतिवार को छाए बादलों ने ठिठुरन में इजाफा कर दिया। इस कारण अब तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम और सर्द होता जा रहा है। सुबह आसमान में हल्की धुंध रही। पूरा दिन बादल और सूर्यदेव के बीच लुक्का छुपी का खेल चलता रहा। शाम होते-होते मौसम फिर से ठंडा हो गयाख् जिस कारण लोगों को सर्दी का एहसास हो गया।
बृहस्पतिवार को मौसम में आए बदलाव के कारण अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तड़के से ही आसमान में हल्की धुंध के साथ बादल छा गए। घनी आबादी वाले क्षेत्र में धुंध का ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया, लेकिन सड़क मार्ग, खुले मैदान व खेत-खलिहान में धुंध का असर कुछ अधिक दिखाई दिया। बदले मौसम के मिजाज के कारण आने वाले दिनों में अब लोगों को शीतलहर का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल का कहना है कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 07 डिग्री सेल्सियस रहेगा। आने वाले दिनों में तापमान में घटता-बढ़ता रहेगा।
पिछले 10 दिनाें इस तरह रहा तापमान
दिन अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
पांच दिसंबर 24 12
छह दिसंबर 24 06
सात दिसंबर 24 06
आठ दिसंबर 23 09
नौ दिसंबर 23 07
10 दिसंबर 23 7
11 दिसंबर 22 7
12 दिसंबर 22 8
13 दिसंबर 22 8
14 दिसंबर 22 9
15 दिसंबर 22 9
16 दिसंबर 22 10
खांसी-बुखार के बढ़ रहे मरीज
मौसम के बदलते ही लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी चिकित्सालयों से लेकर निजी अस्पतालों में मरीजों की लाइन लग रही है। इन दिनों सर्वाधिक भीड़ बाल रोग विशेषज्ञ और फिजीशियन कक्ष के बाहर देखने को मिल रही है। ज्यादातर मरीज सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित हैं। चिकित्सकों के अनुसार, सर्दी के मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य दिनों से कम हो जाती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम आनंद ने बताया कि मौसम में हुए परिवर्तन का असर बच्चों पर तुरंत पड़ता है। इंफेक्शन का खतरा अधिक होता हैै। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि आम मौसम की अपेक्षा ठंड में कमरे के तापमान पर अधिक ध्यान दें। ठंड में बच्चों को अधिक गर्म कमरे में न रखें। कमरे का तापमान सामान्य होना चाहिए।
चिकित्सक की सलाह पर ही दवा लें
मौसम में हुए बदलाव की वजह से अस्पतालों में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। लोग सर्दियों में लापरवाही न बरते और मौसम अनुसार कपड़े पहनें। कोई भी बीमारी होने पर पंजीकृत चिकित्सक से सलाह लेने के बाद ही दवा का सेवन करें।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ