प्रदेश सरकार द्वारा गांव-गांव में जनसेवा केंद्र आवंटन की आड़ में अवैध वसूली की जा रही है। इसकी शिकायत मिलने पर डीएम ने कंपनी और कंपनी के जिला प्रभारी को नोटिस जारी कर दिया है। जांच के लिए तीन अफसरों की टीम गठित कर दी गई है।
बता दें कि जनपद में जनसेवा केंद्रों का आवंटन व्यामटेक कर रही है। शहर में बिना नीति निर्धारण केंद्रों को खोलकर बेरोजगारों से अवैध वसूली की जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा गांव-गांव में जनसेवा केंद्र खोलकर ऑनलाइन सेवाओं का दायरा बढ़ाया जा रहा है। योजना के तहत हर एक गांव में जन सेवा केंद्र खोला जाना है।
केंद्रों के आवंटन की आड़ में अवैध वसूली कंपनी नुमाइंदों के द्वारा की जा रही है। जनसेवा केंद्रों पर खतौनी और आय जाति के सर्टिफिकेट की सेवा के लिए 9100 रुपये वार्षिक फीस निर्धारित की गई है।
मगर डीएम आंजनेय कुमार सिंह को शिकायत मिल रही हैं कि कंपनी के पदाधिकारी जनसेवा केंद्र आवंटन की आड़ में बीमा और मोबाइल रिचार्ज सेवा शुरू करवाने का दवाब बनाकर अवैध वसूली कर रहे हैं, जबकि आवंटन के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता है।
अवैध वसूली के साथ बेरोजगार युवकों से 10 रुपये का खाली स्टांप भी लिया जा रहा था। स्टांप में दस्तखत भी करवाए जा रहे हैं। डीएम ने कंपनी के अधिकारी अजय भारद्वाज को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कंपनी को पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उधर, व्यामटेक कंपनी के अधिकारी अजय भारद्वाज का कहना है कि उन्हें नोटिस मिल गया है।
इसका जवाब कंपनी के अधिकारी दे देंगे। एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि नोटिस जारी कर दिया गया है। तीन अफसरों की टीम भी जांच के लिए बना दी गई है।