आतिशबाजी बेचने और पटाखे जलाने वालों पर होगी कार्रवाई
बुलंदशहर। जिला प्रशासन ने सख्त आदेश दिए हैं कि आतिशबाजी बेचने के साथ ही पटाखा छोड़ने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जिले में वायु गुणवत्ता बेहद खराब होने के कारण जिलाधिकारी ने यह निर्णय लिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया था कि जिन क्षेत्रों में एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) खतरनाक स्तर से अधिक है, वहां पर आतिशबाजी पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। जिले में भी एक्यूआई का स्तर 300 से अधिक होने की स्थिति में आतिशबाजी पूरी तरह से प्रतिबंधित की गई है। जिला प्रशासन ने आतिशबाजी बिक्री के साथ ही पटाखा छोड़ने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। सोमवार को पटाखा व्यापारी फिर से कलक्ट्रेट पहुंचे और आतिशबाजी बेचने की अनुमति मांगी। उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में व्यापारी दिवाली का इंतजार करते हैं, ताकि वह दुकान लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। सिटी मजिस्ट्रेट मीनू राणा ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले में आतिशबाजी को प्रतिबंधित रखा गया है। जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह का कहना है कि पिछले पांच दिन से जनपद के एक्यूआई पर नजर रखी जा रही है। जनपद का एक्यूआई खराब की श्रेणी में है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश के अनुपालन के क्रम में आतिशबाजी की बिक्री और पटाखे छुड़ाने पर रोक रहेगी। पटाखा बेचने और छोड़ने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।