पति की हत्या के मामले में पत्नी, उसके प्रेमी को आजीवन कारावास
बुलंदशहर। देेहात कोतवाली क्षेत्र के गांव जटापुर में ससुराल में रह रहे रेशमपाल की हत्या के मामले में उसकी बेटी की गवाही पर कोर्ट ने पत्नी संतोष और उसके प्रेमी राजू उर्फ राजकुमार को दोषी माना है। एडीजे पंचम नीलम ढाका की कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। सजा सुनाते समय कोर्ट ने टिप्पणी की कि कोई भी पुत्री अपनी मां से बहुत प्रेम करती है। मां के खिलाफ झूठा बयान नहीं दे सकती है। बेटी के सामने मां और उसके प्रेमी द्वारा पिता की हत्या करना जघन्य अपराध है। इसलिए ऐसे अपराधियों को सख्त से सख्त सजा देना न्यायोचित है।
यह था मामला
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रभान सिंह ने बताया कि खुर्जा देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव अच्छेजा घाट निवासी सूरजपाल सिंह ने 19 नवंबर 2016 को कोतवाली देहात बुलंदशहर में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनके पुत्र रेशमपाल की शादी गांव जटापुर निवासी महिला संतोष के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद से ही उनका पुत्र रेशमपाल पत्नी के साथ जटापुर स्थित ससुराल में जाकर रहने लगा था। पीड़ित ने बताया था कि 18 नवंबर को वह अपने बेटे से मिलने जटापुर गया था। लेकिन, रातभर न तो उसका पुत्र रेशमपाल घर मिला और न ही पुत्रवधू संतोष घर आई। 19 नवंबर की सुबह जब वह खेत में शौच के लिए गए तो उनके पुत्र रेशमपाल का शव वहां पड़ा हुआ था। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मृतक की पत्नी संतोष व उसके प्रेमी राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
यह गवाह हुए पेश
मामले में वादी पक्ष की ओर से सूरजपाल सिंह वादी, मनु मृतक की पुत्री, कांस्टेबल बनी सिंह, उपनिरीक्षक धीरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. फूल सिंह, निरीक्षक भूपेंद्र सिंह, फील्ड यूनिट प्रभारी सुरेंद्र कुमार, अमरेश कुमार बघेल तत्कालीन निरीक्षक की गवाही कराई गई। इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
बेटी मनु ने यह दी थी गवाही
मृतक की पुत्री मनु ने बताया था कि 18 नवंबर को उसकी मां दवा दिलाने के लिए उसे अपने साथ बुलंदशहर ले गई थी। गांव के ही युवक सोनू के घर मां ने उसे छोड़ दिया था और दवाई लेकर आने की बात कही थी। शाम को उसकी मां लौटी और उसे बस से लेकर गांव पहुंची। बस में पीछे से गांव निवासी युवक राजू उर्फ राजवीर भी आ गया था। गांव में जब वह पैदल घर की ओर जा रहे थे तो उसके पिता रेशमपाल ने तीनों को एक साथ देख लिया। इस पर पिता ने उसे डपटा कि मां के साथ कहां घूम रही हो। साथ ही मां को भी डांटा था। इस पर राजवीर उर्फ राजू ने गुस्से में आकर रेशमपाल के हाथ से डंडा छीन लिया और हमला कर दिया। इसके बाद पिता रेशमपाल बेहोश हो गए। फिर मां संतोष ने राजू के साथ मिलकर दुपट्टे से पिता का गला दबाकर हत्या कर दी। साथ ही आरोपियों ने किसी को कुछ बताने पर हत्या की धमकी दी थी।