जिला दिव्यांग सशक्तीकरण अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब
बुलंदशहर। जिला दिव्यांग जन सशक्तीकरण अधिकारी पर लगे गबन के आरोपों के मामले में सीडीओ की रिपोर्ट को अब प्रमुख सचिव ने संज्ञान में लेते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। पिछले दिनों इस मामले में विभाग के एक क्लर्क को शासन ने सस्पेंड कर दिया था, जबकि सशक्तिकरण अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। सीडीओ ने अधिकारी पर भी कार्रवाई के लिए सचिव को पत्र लिखा था, जिसके बाद अब स्पष्टीकरण तलब हुआ है।
दिव्यांगजों के लिए शासन द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं का प्रचार-प्रसार जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग द्वारा कराया जाता है। विभाग में भी योजनाओं के लिए 1.15 लाख रुपये का बजट था। लेकिन पिछले दिनों इसमें जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी पर गबन के आरोप लगे थे। मामले की जानकारी होने के बाद सीडीओ ने जांच कराई थी और रिपोर्ट बनाकर कार्रवाई के लिए शासन को भेज दी थी। लेकिन वहां से एक क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया था, जबकि अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। सीडीओ ने मामले में अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को रिमाइंडर भेजा था। सीडीओ अभिषेक पांडेय ने बताया कि जिस तरह से गबन हुआ शासन ने केवल क्लर्क को सस्पेंड किया था, जबकि दिव्यांग अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद अब प्रमुख सचिव ने जिला सशक्तिकरण अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। बताया गया कि प्रचार-प्रसार के लिए कितना बजट था और कितना खर्च हुआ है इसकी पूरी रिपोर्ट अधिकारी को देनी होगी।
कोट
मेरे ऊपर लगे गबन के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। कार्यालय से पूरे बजट का प्रचार-प्रसार कराया गया है। सभी दस्तावेज मेरे पास हैं। स्पष्टीकरण के साथ सभी दस्तावेज और बिल भेजे जा रहे हैं। जांच पूरी हो चुकी है। - पारस नाथ यादव, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी।