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दुष्कर्म के आरोपी को कूलर... घायलों को बेड तक नहीं

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बुलंदशहर। जिला अस्पताल में भर्ती के दौरान घर से मांगाया कूलर की हवा लेता दुष्कर्म का आरोपी। - फोटो : BULANDSHAHR
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दुष्कर्म के आरोपी को कूलर... घायलों को बेड तक नहीं
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बुलंदशहर। लाख दावों के बाद भी सरकारी अस्पतालों में आम लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो अस्पतालों में वीआईपी ट्रीटमेंट लेते हैं। बुधवार को जिले में सरकारी अस्पतालों की दो तस्वीरें सामने आईं। जिसने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। पहली तस्वीर जिला अस्पताल की है, यहां पर जिला कारागार से मेडिकल कराने आया दुष्कर्म का आरोपी घर से कूलर मंगाकर वीआईपी ट्रीटमेंट लेता दिखा। वहीं दूसरी तस्वीर सिंकदराबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की है जहां पर मार्ग दुर्घटना में घायल मरीजों को बेड तक नहीं मिला। घायल कुर्सी और फर्श पर इलाज का इंतजार करते दिखे।
किशोरी से दुष्कर्म का है आरोप, तीन माह पहले गया था जेल
आरोपी श्याम बिहारी पर किशोरी से दुष्कर्म का आरोप है। मामले में पुलिस आरोपी के विरुद्ध प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने तीन माह पूर्व आरोपी को गिरफ्तार कर जिला कारागार भेज दिया था। इसके बाद से आरोपी जिला कारागार में बंद था। जिला कारागार से किसी प्रकार की राहत न मिल पाने के कारण आरोपी ने बीमार होने की बात कह जिला अस्पताल में भर्ती कराने की मांग की। आरोपी को सोमवार को जिला अस्पताल भेज दिया गया। जिला अस्पताल में आरोपी को जब लाया गया था तो चलने में असमर्थता जाहिर की और व्हील चेयर का इस्तेमाल किया। इसके बाद भर्ती हो जाने पर व्यापारी स्वस्थ नजर आया।
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दो दिन पूर्व हुआ था भर्ती
दुष्कर्म के आरोपी को दो दिन पूर्व जिला कारागार से उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां भर्ती होने के दौरान बंदी ने घर से कूलर और अन्य सामान मंगवाया और उपचार के दौरान स्वस्थ नजर आया। हालांकि, अस्पताल की किरकिरी से बचने के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया।
अस्पताल का मनाकर घर से मंगाकर खाया खाना
जिला अस्पताल में सभी मरीजों के भर्ती करने लिए संसाधन उपलब्ध हैं। इसके बावजूद आरोपी को वार्ड में भर्ती किया गया। जहां आरोपी ने घर से कूलर मंगवाया। इतना ही नहीं घर से और बाजार से लजीज व्यंजन मंगवाकर भी खाए। जबकि, मरीजों के लिए अस्पताल से सुबह-शाम खाना वितरित किया जाता है।
दो दिन मिला वीआईपी ट्रीटमेंट
आरोपी व्यापारी दो दिन तक अस्पताल में वीआईपी ट्रीटमेंट लेता रहा। इसकी अस्पताल प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। जबकि अस्पताल में बाहरी संसाधन का आना मना है। इसके बावजूद आरोपी व्यापारी के वार्ड तक कूलर पहुंचाया गया। आरोपी के हायर मेडिकल सेंटर रेफर किए जने के बाद परिजन खुले आम कूलर ई रिक्शा में लेकर गए।
कूलर मंगाने की नहीं जानकारी
सीएमएस राजीव प्रसाद ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी के चलते जिला कारागार से बंदी को लाया गया था। जिसे अलग वार्ड में भर्ती रखा गया। भर्ती बंदी द्वारा कूलर मंगाने की जानकारी नहीं है और न ही कोई वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया है। फिलहाल बंदी को हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया है।
जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि विचाराधीन बंदी को सांस लेने में दिक्कत और बीपी की समस्या होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में भर्ती होने के दौरान बंदी के परिजनों को सूचना दी जाती है। अस्पताल में व्यवस्था नहीं होने पर बंदी के परिजन समुचित व्यवस्था कर सकते हैं। फिलहाल मरीज को जीटीबी दिल्ली रेफर किया गया है।
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एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामला अभी संज्ञान में आया है और किसकी ड्यूटी उसके साथ थी और उसे किसके आदेश पर जिला अस्पताल भेजा गया था। मामले की जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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