लापरवाही उजागर, परिजनों में रोष
बताया जाता है कि पोस्टमार्टम हाउस के स्टाफ की लापरवाही के कारण समद के परिजन अपने बच्चे को आखिरी बार नहीं देख सके। इसको लेकर परिजनों में काफी रोष है। बताया जा रहा है कि समद अपने परिवार में अकेला था। उसके पिता की दो वर्ष पूर्व बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। ऐसे में समद की मां और अन्य परिजनों की बच्चे को आखिरी बार निहारने की उम्मीदों पर पानी फिर गया। दोनों पक्षों के लोगों के बीच सहमति बनने के बाद आतिफ के शव को भी नगर के कब्रिस्तान में दफना दिया गया।
नहीं रहती रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था
पोस्टमार्टम हाउस पर रोशनी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहती है। पोस्टमार्टम के लिए आने वाले शव अंधेरे कमरे में ही रखे जाते हैं, जहां पर्याप्त रोशनी नहीं रहती। घटना की जानकारी होने के बाद लोगों का कहना है कि कर्मचारी की लापरवाही उजागर होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी तक जांच में जुटे हैं।
घर के बाहर खेलते समय कार की चपेट में आया था आतिफ
नगर के मोहल्ला फैसलाबाद में एक कार ने बच्चे को कुचल दिया। परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मोहल्ला फैसलाबाद निवासी आजाद ने बताया कि उसका दो वर्षीय बेटा आतिफ बुधवार देर शाम घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक कार ने उसे कुचल दिया। दुर्घटना में बच्चे का चेहरा बुरी तरह से खराब हो गया था। शिकायत के आधार पर नगर कोतवाली पुलिस ने कार चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
लापरवाही किस स्तर पर हुई है होगी जांच
सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम करने के बाद टीम संबंधित पुलिस को शव सौंपती है। लापरवाही किस स्तर पर हुई है, इसकी जानकारी की जा रही है।
दोनों पक्षों में हो गया समझौता
नगर कोतवाली के प्रभारी संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि दो बच्चों के शव पोस्टमार्टम हाउस पर बदल गए थे। परिजनों के हंगामा के दौरान मौके पर पुलिस भेजी गई थी। दोनों पक्षों में बाद में समझौता हो गया, जिसके चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई है।