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कालाबाजारी : 84.70 क्विंटल सरकारी चावल पकड़ा

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कालाबाजारी : 84.70 क्विंटल सरकारी चावल पकड़ा
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बुलंदशहर। जनपद में सरकारी राशन की कालाबाजारी का कारोबार जारी है। विभाग इस पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। अनूपशहर रोड स्थित गांव जिरौली के एक मकान में छापा मारकर पूर्ति निरीक्षक की टीम ने 84.70 क्विंटल सरकारी चावल पकड़ा है। मामले में अनूपशहर थाने में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। टीम ने मौके से एक वाहन को भी कब्जे में लेकर पुलिस को सौंपा है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार सूचना मिली थी कि गांव जिरौली के एक गांव स्थित एक मकान में सरकारी चावल का स्टॉक किया जा रहा है। सूचना पर जानकारी एसडीएम डिबाई को दी गई। इसके बाद डिबाई की पूर्ति निरीक्षक पूनम रानी और पूर्ति निरीक्षक सदर सुधांशु यादव की टीम ने गांव में पहुंचकर बताए गए मकान पर पहुंचकर जांच की गई। मौके पर एक पिकअप वाहन में 27 कट्टे चावल भरे थे। मकान में इलेक्ट्रॉनिक कांटा और 103 प्लास्टिक के कट्टों में चावल भरा मिला। मौके पर पिकअप चालक मुकेश कुमार के बयान दर्ज किए गए। मुकेश ने बताया कि यह चावल विशाल नाम के व्यक्ति के हैं और उसे चावल को अनूपशहर स्थित एक मिल में पहुंचाने के लिए एक हजार रुपये मिलते हैं। जिला विपणन अधिकारी और पुलिस को मौके पर बुलाकर पकड़े गए चावल का वजन आदि कराया गया। विशाल और चालक मुकेश कुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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काफी समय से चल रही थी कालाबाजारी
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मौके पर मिले मैक्स चालक मुकेश कुमार के बयान दर्ज करने के बाद पता चला है कि यह कारोबार पिछले काफी समय से चल रहा था। यहां पर सरकारी चावल का स्टॉक होता था और उसके बाद इसे अनूपशहर समेत अन्य स्थानों पर संचालित मिलों में पहुंचाकर बेचा जाता था। अब विभाग की ओर से यह पता किया जाएगा कि यह चावल कहां से लाया गया और कहां-कहां पर इसे बेचा जाता था। जल्द ही इसका पता लगा लिया जाएगा।
पहला नहीं है यह कालाबाजारी का मामला
सरकारी चावल पकड़े जाने का यह पहला मामला नहीं है। इस तरह की कालाबाजारी के मामले पूर्व में भी खुलते रहे हैं। हाल ही में नगर के अनूपशहर रोड स्थित एक मिल से विभागीय टीम ने बड़ी मात्रा में कालाबाजारी के लिए एकत्रित किया गया चावल पकड़ा था। यहां पर कई बार सरकारी राशन पकड़ा गया और विभाग ने मिल मालिक आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। लेकिन इसके बाद विभाग की ओर से अभी तक यह पता नहीं लगाया जा सका कि यह सरकारी राशन कहां से लाया गया था। विभाग की इसी लापरवाही का नतीजा है कि जिले में सरकारी चावल की कालाबाजारी जारी है और इस पर विभाग शिकंजा कसने में नाकाम साबित हो रहा है।
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कोट
प्रकरण में दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह चावल कहां से आया है। - अभय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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