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पदोन्नति के लिए सीओ ने दिया फर्जी शपथ पत्र, रिपोर्ट दर्ज

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पदोन्नति के लिए सीओ ने दिया फर्जी शपथ पत्र, रिपोर्ट दर्ज
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बुलंदशहर। पदोन्नति पाने के लिए सीओ सुधीर त्यागी की ओर से फर्जी शपथ पत्र देने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि सीओ पर वर्ष 1999 में इंस्पेक्टर पद पर रहने के दौरान दर्ज किया गया मुकदमा अभी भी लंबित है, लेकिन पदोन्नति के लिए दिए गए शपथ पत्र में लंबित मुकदमे का खुलासा नहीं किया गया। मामला प्रकाश में आने के बाद अब एसपी देहात ने नगर कोतवाली में सीओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अक्तूबर 2021 में निरीक्षक सुधीर कुमार त्यागी को शासन ने सीओ पद पर पदोन्नत किया था। पदोन्नति के लिए शासन की ओर से सुधीर कुमार त्यागी से एक शपथ पत्र मांगा था, जिसमें पूछा गया था कि उनके खिलाफ कोई मुकदमा लंबित तो नहीं है। इसके बाद सुधीर त्यागी की ओर से शपथ पत्र दिया गया और कहा कि उनके खिलाफ कोई मुकदमा विचाराधीन नहीं है। जिसके चलते सुधीर त्यागी की पदोन्नति करते हुए उन्हें सीओ बना दिया गया। जब शासन स्तर से जांच कराई गई तो मामले में पता चला कि वर्ष 1999 में आगरा के थाना रकाबगंज में एक मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में एसपी देहात बजरंग बली चौरसिया ने जांच की तो प्रारंभिक तौर पर आरोप सही पाए गए। जिसके बाद अब नगर कोतवाली में सुधीर कुमार त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसपी देहात की ओर से दर्ज कराए मुकदमे में बताया है कि सुधीर कुमार त्यागी वर्तमान में पुलिस उपाधीक्षक निवासी मुजफ्फरनगर ने तथ्यों को छिपाकर तथा झूठा शपथ पत्र विभाग को दिया और पदोन्नति हासिल की।
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गैर इरादतन हत्या समेत 13 धाराओं में दर्ज था मुकदमा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीओ के खिलाफ आगरा के थाने में दर्ज हुए मुकदमे में गैर इरादतन हत्या समेत 13 धाराएं लगाई गई थीं। पुलिस अधिकारियों का यह भी कहना है कि उस दौरान इनका नाम विवेचना में सामने आया या पहले से ही नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस पर भी जांच कराई जा रही है।
1989 में सुधीर ने पहनी थी पुलिस की वर्दी
मूल रूप से मुजफ्फरनगर निवासी सुधीर त्यागी ने वर्ष 1989 में पुलिस फोर्स ज्वाइन की थी। इसके बाद वह विभिन्न पदों पर कई जिलों में तैनात रहे। करीब ढाई वर्ष पहले उन्हें जिले में तैनाती मिली थी। इस दौरान वह कोतवाली देहात में प्रभारी रहने के साथ ही दो बार एसओजी के प्रभारी भी रहे। करीब एक माह पहले ही शासन ने उन्हें इंस्पेक्टर से सीओ के पद पर पदोन्नत किया था।
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कोट
एसओजी प्रभारी ने एक मुकदमा लंबित होने के बाद भी शपथ पत्र में इसका जिक्र नहीं किया। पदोन्नति के लि ए दिए गए शपथ पत्र में ऐसा न करना फर्जीवाड़े की श्रेणी में आता है। मामले में नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आगे की जांच के लिए सीओ उमेश कुमार पांडेय को जिम्मेदारी दी गई है। - बजरंग बली चौरसिया, एसपी देहात
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