241 में 166 बसें गई चुनाव में, यात्रियों को करना पड़ रहा लंबा इंतजार
बुलंदशहर/खुर्जा। चुनाव ड्यूटी में उप्र परिवहन निगम की 60 फीसदी से अधिक बसें जाने से यात्रियों को भारी परेशानियों की सामना करना पड़ रहा है। हालात यह है कि सिकंदराबाद डिपो पर मात्र एक बस तो खुर्जा डिपो से 23 और बुलंदशहर डिपो से करीब 28 बसों का संचालन हो रहा है। ऐसे में यात्रियों को बस आने का रोडवेज अड्डों पर खड़े रहकर इंतजार करना पड़ रहा है।
जिले में विधानसभा चुनाव को लेकर पिछले सात दिन से परिवहन व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। वर्तमान में उप्र परिवहन निगम में बुलंदशहर डिपो की 100, खुर्जा डिपो से 78 और सिकंदराबाद डिपो से 63 बसें हैं। इनमें बुलंदशहर डिपो से 68 बसें, सिकंदराबाद डिपो से 55 बसें और खुर्जा डिपो से 43 बसें विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा बलों को लेकर गई हुई है। वहीं, शेष बसों में बुलंदशहर में चार, सिकंदराबाद में पांच और खुर्जा में चार बसें खराब है। शेष बसें संचालित होने और उनके फेरे बढ़ाए जाने के बाद भी यात्रियों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बुलंदशहर डिपो के डिपो प्रभारी मोहम्मद हसन काजमी ने बताया कि वर्तमान में सभी बसों को डिपो पर आने के बाद रवाना कर दिया जाता है।
सिकंदराबाद डिपो से चल रही मात्र एक रोडवेज बस
सिकंदराबाद डिपो से वर्तमान में सिर्फ एक रोडवेज संचालित हो रही है। जिसके होने या न होने से यात्रियों को अधिक परेशानियां हो रही है। साथ ही मजबूरन डग्गामार वाहनों में जोखिम भरा सफर कर रहे हैं। वहीं, डग्गामार वाहन संचालक मौके को भुनाने में जुटे हुए है और दोगुना से अधिक धनराशि वसूल कर सफर करवा रहे हैं।
महाशिवरात्रि पर शिवभक्तों को भी हो सकती है परेशानी
जिले में रोडवेज बसों की कमी के चलते महाशिवरात्रि पर शिवभक्तों को भी परेशानी हो सकती है। क्योंकि जिले की तीन डिपो में रोडवेज बसों की संख्या 75 रह गई है और विधानसभा चुनाव सात मार्च को संपन्न होंगे। ऐसे में बसें सात मार्च के बाद ही आने की उम्मीद है। जबकि एक मार्च की महाशिवरात्रि है और 10 दिन पूर्व से शिवभक्त हरिद्वार गंगाजल लेने के रवाना होने लगते हैं। समय नजदीक आने के कारण शिवभक्तों को भी हरिद्वार जाने के परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, निगम के अफसरों द्वारा पूर्व में शिव भक्तों को हरिद्वार पहुंचाने की बनाई गई रणनीति भी फेल हो सकती है।
कोट
विधानसभा चुनाव में तीनों डिपो से रोडवेज बसों का अधिग्रहण किया गया है। शेष बसों से हर संभव यात्रियों को राहत देने का प्रयास रहता है। बसें कम होने के कारण कुछ यात्रियों को परेशानियां हो सकती है। - धीरज सिंह पंवार, एआरएम बुलंदशहर डिपो