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पत्नी की हत्यारे को आजीवन कारावास

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पत्नी की हत्यारे को आजीवन कारावास
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बुलंदशहर। पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पाए गए पति को कोर्ट ने आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इससे पहले अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी चतुर्थ रेनू मिश्रा की कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी केडी शर्मा ने बताया कि 11 नवंबर 2014 को हसीना ने स्याना थाने में दी तहरीर में बताया था कि उसकी बेटी गुलिस्ता का पहला निकाह दिल्ली निवासी नवाब के साथ हुआ था। इस शादी से बेटी को तीन बच्चे थे। नवाब की मौत होने के बाद बेटी का दूसरा निकाह हापुड़ निवासी परवेज उर्फ बोना से वर्ष 2009 में किया था। परवेज निकाह के बाद से ही शराब के नशे में धुत होकर बेटी से मारपीट करता था। आठ नवंबर को उसने चारों बच्चों को रसोईघर में बंद करते हुए गुलिस्ता को कमरे में ले जाकर मारपीट की और मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी थी। उसकी चीख पुकार सुनकर पड़ोसियों ने उसे कमरे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर तहसीलदार ने पीड़िता के बयान दर्ज किए थे। इलाज के दौरान नौ नवंबर को उसकी मौत हो गई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी परवेज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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आठ लोगों के दर्ज हुए बयान
मां हसीना, पुत्र अनस, नायाब तहसीलदार देवराज सिंह, विवेचक देवेंद्र पाल सिंह, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार, डॉ. अंकित कुमार, तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार, महिला कांस्टेबल मनीषा के बयान दर्ज किए थे। इसके बाद कोर्ट ने सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया।
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