ग्रामीणों ने नम आंखों से दी जनप्रिय को अंतिम विदाई
औरंगाबाद। थाना क्षेत्र के गांव नगलाकरन निवासी उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात दरोगा की बुधवार देर रात लंबी बीमारी के चलते दिल्ली के मैक्स अस्पताल में मौत हो गई। बृहस्पतिवार सुबह गांव में शव पहुंचा। दोपहर को परिजनों व ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
गांव नगला करन निवासी जनप्रिय गौड़ बिजनौर जिले के थाना नजीबाबाद में दरोगा के पद पर तैनात थे। परिजनों ने बताया कि जनप्रिय पिछले कई माह से पेट की बीमारी से पीड़ित चल रहे थे। परिजनों ने उनको दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। देर रात हालात बिगड़ने पर परिजन उनको मैक्स अस्पताल में ले गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दरोगा के मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोपहर को उनके घर से शवयात्रा निकाली गई। इस दौरान पुलिस लाइन से पहुंची गारद ने पार्थिव शरीर को सलामी दी। नजीबाबाद से भी पुलिसकर्मी परिजनों को सांत्वना देने के लिए पहुंचे। इस दौरान सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सैयद हिमायत अली, गौहर अली, भाजपा नेता नरेश तायल, जिपं सदस्य शैलेश शर्मा बालका, भूमि विकास बैंक के पूर्व चेयरमैन कुशलपाल सिंह लाला आदि मौजूद रहे। जनप्रिय गौड़ मृतक आश्रित कोटे से वर्ष 2013 में नौकरी पर गए थे। परिवार में उनकी पत्नी प्रियंका और पांच वर्षीय पुत्र अर्नव हैं।