रिश्वत न देने पर फैक्टरी मालिक को थमाया 1.6 करोड़ का फर्जी एस्टीमेट
बुलंदशहर। औरंगाबाद क्षेत्र में निर्माणाधीन एक फैक्टरी संचालक से कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि रिश्वत न देने पर एक ठेकेदार के माध्यम से पहले 1.6 करोड़ का फर्जी एस्टीमेट संचालक के पास भेजा। बाद में जब मामले में बिजली निगम के चेयरमैन से शिकायत की गई तो डिस्कॉम से एसई को मामले की जांच सौंपी। एसई ने जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।
25 फरवरी को औरंगाबाद क्षेत्र में एक निर्माणाधीन बायोटेक नामक फैक्टरी के लिए संचालक ने 500 किलोवाट के कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद अधिकारियों ने इस कनेक्शन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। इसी बीच क्षेत्र के कुछ अधिकारियों ने फैक्टरी मालिक से संपर्क साधते हुए रिश्वत की पेशकश कर दी। मांग पूरी न होने पर अधिकारियों ने इस पर आपत्ति लगा दी और वर्तमान परिस्थितियों में कनेक्शन नहीं मिलने की बात कही, जबकि इस पर मालिक ने मामले की शिकायत बिजली निगम के चेयरमैन से की। 28 फरवरी को एमडी की ओर से संबंधित एक्सईएन से प्रकरण की जानकारी ली। बताया जा रहा है कि चेयरमैन के निर्देश पर एमडी ने डिस्कॉम के एसई को प्रकरण की जांच सौंपी। बुधवार को एसई संजय गर्ग ने सुबह से ही क्षेत्र में पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की। इस दौरान वह चीफ इंजीनियर, संबंधित सर्किल के एसई, डिवीजन के एक्सईएन समेत अन्य अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन फैक्टरी पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान मालिक से भी वार्ता की गई। बताया जा रहा है कि मालिक ने एसडीओ के माध्यम से एस्टीमेट प्राप्त होने की बात कही। जबकि एसडीओ ने जांच अधिकारी को बताया था कि एक्सईएन के कहने पर कनेक्शन के आवेदन में आपत्ति लगाई थी। वहीं एस्टीमेट पर किसी भी अधिकारी के हस्ताक्षर भी नहीं थे।
बंद कमरे में जांच अधिकारी ने तैयार की रिपोर्ट
बुधवार देर रात साढ़े आठ बजे तक जांच अधिकारी एसई संजय गर्ग ने जांच पड़ताल की। इसके बाद चीफ इंजीनियर कार्यालय में जांच रिपोर्ट तैयार की। इस दौरान दफ्तर के सभी अन्य कर्मचारियों को रिपोर्ट की गोपनीयता के कारण कार्यालय से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई।
कनेक्शन की प्रक्रिया कराई जाएगी पूरी
चीफ इंजीनियर ने कहा कि कनेक्शन न देने के लिए लगाई गई आपत्ति ठीक नहीं थी। जिसके चलते अब आवेदक के कनेक्शन के लिए प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। करीब 1700 मीटर लंबी 11 केवीए लाइन बनाने के लिए एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। इसके बाद एस्टीमेट जमा होने पर आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी।
कनेक्शन जारी करने के लिए कराई जा रही कार्रवाई
मामला संज्ञान में है। जांच के लिए आए अधिकारी को मौके पर भी ले जाकर जांच कराई गई है। फैक्टरी निर्माणाधीन है, ऐसे में कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी होने तक निर्माण भी पूरा हो जाएगा। इसलिए कनेक्शन जारी करने के लिए आवश्यक कार्रवाई कराई जा रही है।
- अवधेश कुमार सिंह, चीफ इंजीनियर
फैक्टरी संचालक से नहीं मांगी गई रिश्वत
फैक्टरी संचालक से किसी भी प्रकार की रिश्वत नहीं मांगी गई थी। जांच में पूरी तरह से सहयोग किया गया था। एस्टीमेट किसने और कैसे सौंपा, इसके बारे में जानकारी नहीं है।
- जितेंद्र कुमार, एक्सईएन, बिजली निगम