आवास विकास निवासी उमेश चंद शर्मा ने बताया कि कॉलोनी के लिए उनका बाग अधिग्रहित हुआ था। जिसमें से उन्हें 35 प्रतिशत जगह मिली थी। 15 साल पहले अधिग्रहण होने के बाद भी अभी तक आवास विकास के अधिकारियों ने उनकी जमीन नापकर नहीं दी है। उनकी जमीन से मंदिर के लिए 20 मीटर जगह छोड़ी गई थी, जिसमें मंदिर बनाया हुआ था।
मंदिर के पास ही खाली प्लॉट पर उमेश शर्मा और आस-पास के लोगों ने भगवान शिव परिवार की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराई थी। इसमें आवास विकास के अधिकारी भी आए थे। मंगलवार दोपहर को आवास विकास की टीम अतिरिक्त अभियंता एसपी सिंह, अवर अभियंता अजब सिंह, कनिष्ठ सहायक गौरव दीक्षित मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने मंदिर को तोड़कर वहां से हटाया और दूसरे स्थान पर बिना पूजा अर्चना के मंदिर की मूर्तियों को रख दिया।
मंदिर तोड़ने की सूचना पर कॉलोनी के लोग मौके पर एकत्रित हुए तो उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही रोक लिया। इसके बाद लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ मंदिर तोड़ने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया और विधिवत रूप से मंदिर स्थापना की मांग करने लगे। हंगामा की सूचना पर सीओ भास्कर मिश्रा और एसडीएम दुर्गेश सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
इसी बीच विधायक मीनाक्षी सिंह मौके पर पहुंच गईं और लोगों की शिकायत सुनी। इसके बाद विधायक ने आवास विकास के अधिकारियों को धमकाते हुए कहा कि लोगों से माफी मांगो नहीं तो जूता निकालकर इतना मारेंगे कि भूल जाओगे। मौके पर करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। बाद में अधिकारियों ने विधि विधान से मंदिर स्थापित कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।
आवास विकास के अधिकारियों ने लोगों की आस्था के साथ छेड़छाड़ की है। छैनी हथौड़े से मूर्ति को हटा दिया गया है, जो गलत है। इसलिए उनको फटकार लगाई थी।
- मीनाक्षी सिंह, विधायक खुर्जा।
आवास विकास के अधिकारी ने पुलिस और प्रशासन को बिना सूचना के मंदिर को ध्वस्त करने चले गए थे। जहां पहले से जमीनी विवाद चल रहा है। लोगों की मांग पर मूर्ति पहले वाले स्थान पर लगवाई जा रही हैं। वहीं आवास विकास के अधिकारियों से जमीन के संबंध में दस्तावेज मांगे गए हैं। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- दुर्गेश सिंह, एसडीएम खुर्जा।