सुल्तानपुर गांव निवासी बृजेश ने बताया कि मंगलवार सुबह वह बुग्गी से खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गया था। उसके साथ उसकी 55 वर्षीय मां अमरबती पत्नी किरनपाल और 10 माह की बेटी करुणा थी। दोपहर को खेत से चारा लेने के बाद तीनों लोग वापस घर लौट रहे थे। खेत से गांव आने के लिए उनको अंडरपास से जाना पड़ता है। ऐसे में बृजेश बुग्गी लेकर आ रहा था।
वहीं अमरबती अपने साथ करुणा को लेकर रेलवे लाइन पैदल पार कर आने लगी। तभी उधमपुर एक्सप्रेस की चपेट में दोनों दादी-पोती आ गई और उनकी मौत हो गई। वहीं बृजेश उनको बचाने के लिए दौड़ पड़ा, मगर काफी देर हो चुकी थी। उनके शव को देख बृजेश जोर-जोर से चिल्लाने लगा। वहां पर अन्य ग्रामीण भी आ गए। वहीं महिला और बच्ची की मौत के बाद गांव में मातम पसर गया। परिजनों ने बिन पुलिस कार्रवाई के दोपहर बाद दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया।