अहमदगढ़। पूर्व प्रधान व भाजपा नेता की हत्या के मामले में पुलिस ने शूटर के दो अन्य साथियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों का चालान कर दिया।
30 अगस्त को गांव डोमला हसनगढ़ के पूर्व प्रधान व भाजपा नेता रामवीर कश्यप की बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के पुत्र ने गांव के प्रधान ऋषिपाल सिंह, दिनेश, सोनू, पप्पू और राजेंद्र के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीओ शिकारपुर शोभित कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले में जांच की तो पाया कि गांव के प्रधान ऋषिपाल सिंह ने ही भाड़े के शूटरों से रामवीर कश्यप की हत्या कराई थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को कार्रवाई करते हुए हत्याकांड के मुख्य शूटर बबलू उर्फ बलवीर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। साथ ही फरार दो साथियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बताया कि बृहस्पतिवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि रामवीर हत्याकांड के दो आरोपी गांव पापड़ी और ढक नगला की पटरी पर जाते हुए देखा है। शिकारपुर, पहासू और अहमदगढ़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जंगल में सर्च अभियान चलाया। इस दौरान दो संदिग्ध युवकों को रुकने का इशारा किया तो आरोपी रुकने के बजाए भागने लगे। पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की तो उन्होंने पुलिस पर ही तमंचा से फायरिंग कर दी। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के बाद दो बदमाश घायल अवस्था में पकड़े गए। घायल बदमाश की पहचान साजिद निवासी गांव मिर्जापुर थाना जवां अलीगढ़ और सुरेंद्र निवासी नंदग्राम उत्तरांचल कालोनी गाजियाबाद के तौर पर हुई। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने दो तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी साजिद के खिलाफ तीन और सुरेंद्र के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हैं।
सुरेंद्र चला रहा था बाइक, साजिद ने भी मारी थी गोली
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ऋषिपाल सिंह ने बबलू उर्फ बलवीर को हत्या के लिए एक लाख रुपये की सुपारी देने की बात तय हुई थी। इसमें से 35 हजार रुपये एडवांस दे दिया गया था। इसके बाद बबलू ने उनसे संपर्क किया और वारदात के लिए रेकी करते हुए योजना बनाई। वारदात के दिन आरोपी सुरेंद्र बाइक चला रहा था, जबकि बबलू और साजिद ने रामवीर कश्यप को गोली मारी थी।