45 मिनट तक आधा किमी के दायरे में जो भी मिला उसी को किया लहूलुहान
बुलंदशहर/औरंगाबाद। बलवीर उर्फ बल्लू के सिर पर जैसे खून सवार हो गया रहा हो। उसने 45 मिनट तक करीब आधा किलोमीटर के दायरे में जो भी मिला उसी पर ताबड़तोड़ वार कर लहूलुहान कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि बल्लू देखने में बेहद शांत स्वभाव का है। गुलावठी में पारस डेयरी में केमिस्ट है। होली पर्व पर छुट्टी लेकर गांव आया हुआ था। सुबह पत्नी के साथ खेत पर गया, इसी दौरान उस पर खून सवार हो गया। जो भी उसके सामने आया उस पर फावड़े और बलकटी से हमला कर दिया। सबसे पहले उसने नत्थी सिंह को शिकार बनाया। फिर दंपती प्रेमपाल और विमला पर हमला किया। कुछ दूर पहुंचने पर नौरंग मिला, तो उस पर भी हमला कर दिया। इसके बाद नत्थी के पुत्र प्रमोद की बाइक छीनी और परवाना नहर पुल पर दिलीप सिंह के पास जा पहुंचा। दिलीप सिंह के हाथों से बलकटी छीन ली और पाली गांव की ओर भाग गया। रास्ते में उसने एक खेत पर छिड़काव कर रहे रवि पर कातिलाना हमला किया। फिर तेजपाल, पुष्पेंद्र पर हमला कर खानपुर की ओर भाग निकला। आरोपी ने ज्यादातर लोगों के चेहरे पर कुल्हाड़ी से वार किए।
न किसी से रंजिश, न परिवार में था कोई तनाव
परिजनों की मानें तो बलवीर न तो मानसिक रूप से विक्षिप्त है और न ही तनाव जैसी कोई बात थी। परिवार या गांव में भी उसका किसी से कोई मनमुटाव या झगड़ा नहीं था। ग्रामीणों का भी कहना है कि उसका किसी से कोई झगड़ा भी नहीं था। न ही गांव में उसकी किसी से कोई रंजिश थी।
हाथों में लाठी-डंडे लेकर ग्रामीणों ने की खोज
वारदात की जानकारी मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हो गए। महिलाएं, युवा और ग्रामीण हाथों में लाठी-डंडे लेकर आरोपी की खोजबीन में जुट गए। खेत-खलिहानों में उसकी तलाश होने लगी। इस बीच खबर मिली कि आरोपी ने पाली और ढकरौली गांव में भी कुछ लोगों को जख्मी कर दिया है लेकिन, यह अफवाह निकली।
तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है बलवीर
आरोपी बलवीर उर्फ बल्लू तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है। सबसे बड़ा भाई ओमप्रकाश फौज में है। दूसरे नंबर पर बलवीर है। बलवीर के तीन बच्चे हैं। तीसरा भाई कमल दिव्यांग है और गांव में ही खेतीबाड़ी करता है।
बल्लू के हमले के बाद खेतों से भागे ग्रामीण
आरोपी बल्लू के एक साथ ग्रामीणों पर हमला बोलने की सूचना मिलते ही खेतों पर आसपास काम कर रहे ग्रामीण डर गए। खेतों से अपने-अपने घरों की ओर भाग निकले।
ग्रामीणों ने बच्चों को स्कूल में किया बंद
जो भी सामने आता, बल्लू उसी पर हमला कर देता। खौफ के चलते ग्रामीणों ने गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के मुख्य द्वार को बंद कर दिया था। इस डर से कि कहीं वह बच्चों को नुकसान न पहुंचा सके। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही स्कूल का गेट खोल कर बच्चों को सकुशल घर भेजा गया।