संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। छत से कूदते समय एक किशोर पर उसी के घर के पालतू कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ते के हमले में किशोर गंभीर घायल हो गया। परिजन किशोर को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उसे एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के बाद एंटी रैबीज सीरम के लिए हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया। सोमवार को जिला अस्पताल में करीब 180 लोगों को एआरवी का टीका लगाया गया।
सदर तहसील क्षेत्र के गांव मोहनकुटी निवासी 17 वर्षीय मनीष ने बताया कि घर पर एक देसी नस्ल का कुत्ता पाल रखा है। जिसे परिवार के लोग बचपन में ही घर ले आए थे। सोमवार सुबह को पड़ोसी घर की छत से अपनी छत पर कूदते समय उसने अचानक हमला बोल दिया। अचानक हमले से में नीचे गिर पड़ा और चीख निकल गई। पापा और अन्य सदस्य ने मुझे उसके चंगुल से छुड़ाया। उसके हमले से मेरे दोनों पैर और हाथ में जख्म हो गए हैं। जिला अस्पताल आया तो यहां पर एआरवी लगाने के बाद दिल्ली से एआरएस लगवाने को कहा है।
पूर्व में भी कर चुके हैं हमला
पालतू कुत्ते का अपने ही मालिक के बेटे पर हमला करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी पिछले साल गुलावठी व नगर क्षेत्र के कृष्णानगर में अपने मालिक के बेटे पर पालतू पिटबुल ने तो टांडा निवासी और ततारपुर निवासी महिलाओं पर पड़ोसी के कुत्ते ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया था। साथ ही अन्य जगह भी प्रतिदिन पालतू कुत्ते के अचानक हमला करने के मामले सामने आते हैं।
प्रतिदिन आ रहे 150 मामले
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन कुत्ता-बंदर काटने पर लोग एआरवी लगवाने पहुंचे रहे हैं। कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो दोपहर दो बजे के बाद या सुबह आठ बजे से पूर्व इमरजेंसी में पहुंचते हैं। इनके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से एआरवी लगवा दी जाती है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज उपाध्याय ने बताया कि प्रतिदिन 150 से 200 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। अगर किसी को कुत्ते ने काट लिया है तो जख्म वाली जगह को साबुन और पानी से चार-पांच बार धोएं। जिससे संक्रमण को फैलने से बच सके।
सीएमए डॉ.राजीव प्रसाद ने बताया कि प्रतिदिन कुत्ते काटने के मामले को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्ग अस्पताल में एआरवी लगवाने आ रहे हैं। मोहनकुटी निवासी किशोर को टीका लगवाने के बाद एआरएस लगवाने के लिए लिखकर दे दिया गया है। प्रतिदिन 150 से 200 लोगों को एआरवी लगाया जा रहा है।