बुलंदशहर। अब नलकूपों की मोटर फुंकने और पानी के दुरुपयोग जैसी समस्या नहीं होगी। शहर की पेयजल सप्लाई आपरेटर के भरोसे नहीं होगी। नलकूपों को चलाने और बंद करने की सुविधा अफसरों के पास भी होगी।
जल्द ही शहर के 34 नलकूप जल्द ही एमआईएस (मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सर्विस) के तहत काम करेंगे। इसके लिए 48 लाख रुपये की लागत से कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है।
कंट्रोल रूम से ही मोबाइल के जरिए सारे नलकूप आटोमैटिक आपरेट हो सकेंगे। प्रथम फेज में 11 नलकूपों इस योजना से जोड़ा जा रहा है। नवंबर के अंत तक काम पूरा हो जाएगा।
शहर क्षेत्र की तीन लाख आबादी के लिए 34 नलकूप लगे हुए हैं। इनके संचालन के लिए आपरेटर लगाए गए हैं। इन पर हर माह पालिका 1.5 लाख रुपये खर्च करती है। अक्सर नलकूप अधिक समय तक चलने पर हिट होकर फुंक जाते हैं। या फिर लो-वोल्टेज के कारण मोटर जल जाती है। इन सब समस्याओं से छुटकारे के लिए एमआईएस टेक्नोलॉजी से नलकूपों को आपरेट किया जाएगा। इसके लिए पालिका परिषद में कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है।
दो फेज में होंगे काम
नगर पालिका परिषद ने एमआईएस योजना को दो फेस में बांटा है। प्रथम फेज में 11 नलकूप और दूसरे फेज में 23 नलकूप योजना से कंट्रोल किए जाएंगे। फिलहाल योजना की शुरूआत इसी माह से शुरू कर दी जाएगी।