अनुपस्थित मिलने पर 87 शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश
बुलंदशहर। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक लगातार पकड़ में आ रहे हैं। एक बार फिर 87 और शिक्षक अनुपस्थित पाए जाने पर उनका बीएसए ने एक-एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी कर दिया है। प्रेरणा एप के माध्यम से पिछले दिनों भी अनुपस्थित रहने वाले 46 शिक्षक पकड़ में आ चुके हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग ने स्कूल से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसने के लिए प्रेरणा एप का सहारा लिया है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में यदि कोई शिक्षक अवकाश पर है तो उसे इसके लिए पहले प्रेरणा एप पर अपना आवेदन करना होता है। इसके बाद ही उसका अवकाश स्वीकृत किया जाता है। प्रेरणा एप के माध्यम से ही शिक्षकों की हाजिरी लगती है और इसी से पता किया जाता है कि किस स्कूल में शिक्षक उपस्थित हैं और किस में अनुपस्थित हैं। प्रेरणा एप की गतिविधियों पर जिला मुख्यालय से लेकर शासन तक नजर रखी जा रही है। इसके माध्यम से स्कूल में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों का भी आसानी से पता चल जाता है।
कंपोजिट ग्रांट का हिसाब न देने पर प्रधानाध्यापक का रोका वेतन
बुलंदशहर। बीएसए ने कंपोजिट ग्रांट की राशि का हिसाब नहीं देने पर गांव डिबाई खुर्द स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि इस स्कूल को दी गई कंपोजिट ग्रांट की राशि का क्षेत्र के एबीएसए की ओर से हिसाब मांगा गया, लेकिन प्रधानाध्यापक ने ऐसा नहीं किया। एबीएसए की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रधानाध्यापक लोकेश कुमार का तत्काल प्रभाव से वेतन रोक दिया गया है। जल्द ही इस राशि के खर्च का हिसाब नहीं दिया गया तो प्रधानाध्यापक के खिलाफ आगामी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में होने वाले खर्च के लिए शासन की ओर से कंपोजिट ग्रांट के तौर पर राशि दी जाती है। यह राशि एक स्कूल को 50 हजार हजार रुपये तक मिलती है।