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62 फीसदी अभिभावक दे चुके हैं स्कूल खोलने की अनुमति

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डीआईओएस शिव कुमार ओझा। - फोटो : BULANDSHAHR
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62 फीसदी अभिभावक दे चुके हैं स्कूल खोलने की अनुमति
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बुलंदशहर। जिले के 62 फीसदी अभिभावक स्कूलों को खोले जाने के पक्ष में हैं। इन अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने की अनुमति दे दी है। विभाग ने इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेज दी है। सरकार के स्कूल खोले जाने के निर्णय की सभी ने सराहना की है। साथ ही कोरोना से बचाव के लिए इंतजाम करने की बात कही गई है।
गत दिनों शासन की ओर से कक्षा छह से 12 तक की कक्षाओं का भौतिक संचालन किए जाने के लिए अभिभावकों से विद्यालय खोलने के लिए राय ली गई थी। बताया गया कि विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के माध्यम से 80 हजार से अधिक अभिभावकों से सहमति पत्र और संपर्क कर राय जानी गई। इनमें से 62 फीसदी अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने और भौतिक रूप से कक्षाएं संचालित करने की बात कही है। जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ने बताया कि 62 फीसदी से अधिक अभिभावक स्कूल खुलने की सहमति दे चुके हैं। स्कूल खुलने पर बच्चे स्कूल जाएंगे तो दूसरे बच्चे भी स्कूल आने लगेंगे।
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बोले शिक्षक
स्कूल बंद होने से छात्र-छात्राओं की काफी हद तक पढ़ाई बाधित हो रही है। अब मुख्यमंत्री ने स्कूल खुलने के निर्देश जारी कर दिए हैं तो यह स्वागत योग्य है। सरकार का यह निर्णय छात्र हित में भी है।
- प्रधानाचार्य, सीपी अग्रवाल।
जो शिक्षा स्कूल में दी जाती है। वह ऑनलाइन पढ़ाई से पूरी नहीं हो पाती है। कई बार सवाल बच्चों की समझ में नहीं आते हैं और वह संकोच कर दोबारा पूछते भी नहीं हैं। अब स्कूल खुले तो पढ़ाई पटरी पर लौट आएगी।
- शिक्षक, नरेंद्र कुमार गुप्ता।
स्कूल खुलने से छात्र-छात्राओं को फायदा होगा। साथ ही स्कूलाें को भी शासन के आदेश का कड़ाई से पालन करना होगा। कोविड गाइड लाइन का पालन भी शिक्षक और बच्चों के लिए जरूरी होगा।
- शिक्षक, दिनेश कुमार।
लंबे समय से स्कूल बंद होने के कारण अधिकतर छात्र ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित हैं। यदि स्कूल खुल जाएंगे तो उन्हें भी पढ़ाई के साथ कोर्स पूरा करने का मौका मिलेगा। शासन का फैसला छात्र हित में है।
- शिक्षक, जितेंद्र कुमार।
बोले अभिभावक
घर पर ऑनलाइन पढ़ाई से कई तरह की परेशानी आ रही है। सरकार का स्कूल खुलने का निर्णय छात्र हित में महत्वपूर्ण कदम है। शासन के इस आदेश का काफी दिनों से इंतजार किया जा रहा था।
- वीरेंद्र माहुर, अभिभावक।
सरकार का छात्रों के हित में सराहनीय कदम है। सभी स्कूलों को नियमों का पालन करते हुए संचालन करना होगा। अब तक हुई शिक्षा की हानि को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान देना होगा।
- समय सिंह, अभिभावक ।
सरकार के इस निर्णय से स्कूल खुलने से बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल पाएगी। सभी स्कूलों को कोरोना से बचाव के इंतजाम करते हुए कक्षाओं का संचालन करना होगा। कक्षा चलने से छात्रों की पढ़ाई भी बाधित नहीं होगी।
- अमित सोलंकी, अभिभावक ।
बेहतर शिक्षा के लिए स्कूल में पढ़ाई जरूरी है। स्कूल खुलने से बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई में आ रही कठिनाइयों से काफी हद तक निजात मिल जाएगी। हम बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हैं।
- पिंटू चौहान, अभिभावक।
बोले विद्यार्थी
स्कूल खुलने का काफी दिनों से इंतजार है। सबसे पहले अब तक हुए पढ़ाई के नुकसान की भरपाई करना मेरी पहली प्राथमिकता रहेगी। ऑनलाइन पढ़ाई से पूरी तरह से लाभ नहीं मिल रहा है। - हिमांशी माहुर, छात्रा।
ऑनलाइन पढ़ाई से बोर हो चुका हूं। अब स्कूल खुलेंगे तो नियमित कक्षा संचालित होने के साथ पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। साथ ही कोर्स भी पूरा होने की चिंता नहीं रहेगी। मैं स्कूल जाने के लिए तैयार हूं।
- नयन गोयल, छात्र।
शासन का स्कूल खोलने का फैसला स्वागत योग्य है। स्कूल बंद होने से लगभग दो साल से पढ़ाई बाधित हो रही है। ऑनलाइन पढ़ाई से कई बार कुछ सवाल समझ में नहीं आते हैं, अब स्कूल खुलने पर इसकी भी चिंता नहीं रहेगी।
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- दुष्यंत कुमार, छात्र।
ऑनलाइन पढ़ाई में कभी नेट गायब हो जाता है तो कभी मोबाइल रिचार्ज न होने के कारण पढ़ाई से वंचित होना पड़ता है, लेकिन अब स्कूल खुलने पर सभी परेशानी दूर हो जाएगी और स्कूल में पढ़ाई करने का भी मौका मिलेगा।
- चर्चित, छात्र।
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