बुलंदशहर। जिले के नौनिहाल एवं गर्भवती महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर है। 17.08 करोड़ रुपये की लागत से 40 उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। शासन ने इसके लिए स्वीकृति दे दी है। प्रत्येक उपकेंद्र पर 42.40 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य होगा। इस धनराशि से निर्माण के अलावा आधुनिक सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।
जिले में टीकाकरण की सुविधा देने के लिए 510 उपकेंद्र संचालित हैं। इनमें 344 अपने भवन में संचालित हो रहे हैं। जबकि 91 किराये के भवन, ग्राम समाज या अन्य सरकारी भवन में संचालित हो रहे हैं। यहां पर एएनएम, सीएचओ आदि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करते हैं। इनमें कुछ भवन जर्जर अवस्था में तो कुछ जगह ग्राम समाज एवं अन्य सरकारी भवन में निर्माण होना है।
इस संबंध में कुछ समय पूर्व स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। शासन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 15वें वित्त आयोग से जिले के 40 उपकेंद्रों पर निर्माण कराने की स्वीकृति दी है। इसमें ऐसे उपकेंद्रों को शामिल किया गया है जो पूर्व से संचालित है, लेकिन इसके लिए भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल सकी। साथ ही इन सभी के निर्माण की जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग को सौंपी गई है। जो निर्माण कार्य कराकर विभाग को सौपेंगे। वर्तमान में 510 उपकेंद्र में 344 पर सीएचओ व एएनएम तैनात है, किराये के 91 भवन में 75 पर सीएचओ व शेष पर एएनएम तैनात हैं। जिले में वर्तमान में 296 सीएचओ हैं, जो उपकेंद्र पर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहे हैं।
आबादी से 100 मीटर की दूरी पर बनेंगे उपकेंद्र
निर्माण के लिए ऐसे उपकेंद्रों का चयन किया जाएगा जो आबादी से 100 मीटर की दूरी पर हैं। साथ ही उपकेंद्र पर आसानी से लोग आ और जा सकें। वहीं, भूमि निशुल्क या चिकित्सा विभाग के नाम पर हस्तांतरित होनी चाहिए। भवन का एरिया करीब 111.10 वर्गमीटर होना जरूरी है। उपकेंद्रों पर बच्चों एवं गर्भवती के लिए बैठने की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा स्टाफ के लिए आफिस स्पेस, स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं पंखे आदि की व्यवस्था भी की जाएगी। निर्माण कार्य की निगरानी के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष टीम गठित की जाएगी, जो प्रत्येक केंद्र की गुणवत्ता और प्रगति की रिपोर्ट देगी।
जिले में 40 उपकेंद्रों का 17.08 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य होगा। उपकेंद्र का निर्माण होने के बाद ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ