ऑपरेशन जिस्मफरोश के अंतर्गत रात में महिला कांस्टेबलों के हाथ में कमान थीं। महिला कांस्टेबल पकड़े गए दलालों से ग्राहकों को फोन करातीं और उनके इंतजार में खड़ी हो जातीं।
आरोपी के मौके पर आते ही उन्हें दबोच लिया जाता था।
यह सिलसिला देर रात तक शहर की गलियों में चला। शहर में रविवार की देर रात यह भी चर्चा होती रही कि पकड़े गए कुछ लोगों को पुलिस ने अभयदान दे दिया है। ये वो लोग थे जिन्हें झांसा देकर महिला कांस्टेबलों ने दबोचा था।
शनिवार रात पुलिस ने नगर की गलियों में छापामारी कर जिस्म के सौदागारों को दबोचा था। इसके बाद पुलिस ने नगर और देहात क्षेत्र के होटलों में छापामारी की। शाम तक पुलिस ने लगभग 35 महिलाओं को दबोच लिया था।
इसके बाद भी पुलिस का ऑपरेशन जारी था। देर रात पुलिस ने पकड़ी गई दलालों की उनके मोबाइल से ग्राहकों से बात कराईं और महिला कांस्टेबलों को मौके पर भेजकर कई आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने कई आरोपी ग्राहकों को दबोचकर हवालात में डाला।
किसकी सिफारिश पर गार्डों को छोड़ा!
जानकारी के मुताबिक महिला कांस्टेबलों ने नगर के एक कालेज के दो गार्डों को भी झांसा देकर पकड़ा था, लेकिन बाद में उन्हें बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया है।