शारदीय नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की गई। मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रही। मंदिर में माता रानी के जयकारे गूंजते रहे।
शहर के सिद्धपीठ नगला मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। श्रद्धालुओं का कहना है कि माता रानी की सच्ची लगन से पूजा-अर्चना की जाए, तो रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है। मां कूष्मांडा अल्प सेवा और भक्ति से प्रसन्न होने वाली हैं। यदि मनुष्य सच्चे हृदय से इनका शरणागत बन जाए तो फिर उसे अत्यंत सुगमता से परम पद की प्राप्ति हो सकती है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस भी तैनात रही।
बिसौली। शारदीय नवरात्र का चौथे दिन मां कूष्मांडा के स्वरूप की पूजा अर्चना की गई। सभी मंदिरों में सुबह से पूजा अर्चना प्रारंभ हो गई। नगर के समीपवर्ती हथौड़ा देवी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना जाना प्रारंभ हो गया। मां कूष्मांडा का यह स्वरूप अन्नपूर्णा का माना जाता है।