बदायूं। दीपावली की छुट्टी खत्म होने के बाद भी अस्पताल प्रशासन की लापरवाही कम नहीं हुई है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आईं महिलाएं सुबह में ही भूखी-प्यासी अल्ट्रासाउंड कराने पहुंच गईं थीं, लेकिन डॉक्टर अपराह्न डेढ़ बजे के बाद पहुंचे। तब तक कई मरीज लौट चुके थे।
नियम के मुताबिक, शुक्रवार सुबह आठ बजे जिला महिला अस्पताल खुल चुका था। पड़ताल में पता चला कि महिला अस्पताल में पूर्वाह्न 11:32 बजे अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर महिलाओं की लाइन लगी हुई थी। कक्ष में एक स्टाफ बैठा हुआ था, जो रजिस्टर में अल्ट्रासाउंड कराने आईं महिलाओं की एंट्री कर रहा था। उस समय तक 22 महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए अपना पंजीकरण करा चुकी थीं।
वहां पर मौजूद गर्भवती महिला मीरा ने बताया कि दातागंज से आई हूं। सुबह नौ बजे आ गई थी, 12:30 बज रहे हैं, अभी तक डाॅक्टर नहीं आए हैं। जब भी पता किया तो स्टाफ ने हर बार यही बताया कि डॉक्टर जल्द ही आ जाएंगे। डॉक्टर के नहीं आने से अब तक जांचें शुरू नहीं हो सकी हैं, जबकि गर्भावस्था का अंतिम माह है। ऐसे में दिक्कत बहुत ज्यादा हो रही है।
-मरीजों ने बताई अपनी-अपनी परेशानी-
सुबह सात बजे से आई हुई हूूं। जांच अपराह्न दो बजे के बाद हो सकी। कुछ मरीज बिना जांच कराए ही लौट गए। -श्यामा देवी, आमगांव
अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पूर्वाह्न 11 बजे महिला अस्पताल पहुंची तो पता चला कि डाॅक्टर नहीं आए हैं। ऐसे में अब एक बजे घर लौट रही हूं। -अल्पना, सिरौली
डॉक्टर सुबह ही आए गए थे, अल्ट्रसाउंड भी किए होंगे। इससे ज्यादा जानकारी नहीं है। हो सकता है कि कुछ देर खाना खाने गए हों। बाकी मैं दिखवाती हूं। -शोभा अग्रवाल, सीएमएम जिला महिला अस्पताल बदायूं
अस्पताल में मरीजों की भीड़, पर्चा से लेकर दवा तक लगी लंबी लाइन
- दीपावली के अवकाश के बाद खुला जिला अस्पताल, करीब 1200 मरीज पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिला अस्पताल का गेट शुक्रवार सुबह आठ बजे जैसे ही खुला तो मरीजों का रेला अंदर बढ़ गया। छुट्टी के बाद पहले ही दिन ओपीडी में ऐसा नजारा था कि मानो मेला लगा हो। पर्चा बनवाने के लिए लाइन अस्पताल के बाहर तक लगी हुई थी। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सब अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
सुबह 8:30 बजे जिला अस्पताल में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर दर्जनों मरीज पर्चा बनवाने के लिए खड़े थे। स्टाफ लगातार पर्चे बना रहा था। मरीजों ने बताया कि दीपावली की छुट्टी के चलते कई दिन अस्पताल बंद था, इसलिए आज इलाज कराने की भीड़ अधिक है। मरीज सोनू वर्मा ने बताया कि करीब 20 मिनट के बाद में पर्चा उनका बन पाया था।
वहीं नौ बजे बाह्य रोगी विभाग में बाहर मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही थी। ओपीडी में डॉ. एमएस कमल के कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन लगी हुई थी। डॉ. अलंकार सोलंकी, चर्मरोग विशेषज्ञ लगातार मरीजों को देख रहे थे, लेकिन भीड़ कम नहीं हो रही थी। कुछ महिलाएं कुर्सियों पर बैठकर, जबकि कुछ दीवार के सहारे खड़े रहकर अपनी बारी आने का इंतजार कर रहीं थीं।
मरीज सिमरन ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे आ गई थी। आधा घंटा हो गया है। अभी नंबर नहीं आया है। वहीं 10:05 बजे के बाद में दवा काउंटर पर मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी। कई लोग अपने पुराने पर्चों के साथ तो कुछ नए पर्चों के साथ दवाएं लेने पहुंचने लगे। स्टाफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की हुई थी। वहीं, लैब और पैथोलॉजी यूनिट पर सुबह 10 बजे के बाद में भीड़ का बढ़ना शुरू हो गया था। कुल मिलाकर करीब 1200 मरीजों ने शुक्रवार को इलाज कराया।
दीपावली के बाद में शुक्रवार को अस्पताल पूरे समय के लिए खुला है। ऐसे में ज्यादा मरीज आने की उम्मीद थी। इसको ध्यान में रखते हुए डॉक्टर और स्टाफ को निर्देशित किया था। इसके अनुसार सभी ने काम किया। इससे मरीजों को कोई दिक्कत नहीं हुई। -डॉ. अमित वार्ष्णेय, सीएमएस, जिला अस्पताल, बदायूं
जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए लगी महिलाओं की लाइन। संवाद
जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए लगी महिलाओं की लाइन। संवाद
जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए लगी महिलाओं की लाइन। संवाद
जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए लगी महिलाओं की लाइन। संवाद
जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए लगी महिलाओं की लाइन। संवाद