बदायूं। शहर में खेल के कम संसाधन होने बाद भी खिलाड़ी लगातार मेहनत कर रहे हैं। शहर के बाहर बने स्टेडियम में सपनों को संजोए 13 महिला खिलाड़ी तीरंदाजी का अभ्यास कर रहीं हैं।
स्टेडियम में तीरंदाजी सीख रहीं महिला खिलाड़ी दीपिका कुमारी को अपनी प्रेरणा मानती हैं। उनका कहना की उन्हें भी उन्हीं की तरह देश का नाम रोशन करना है। इस सपने को संजोए मेडल पर अचूक निशाना लगाने के लिए अभ्यास कर रही हैं। इनका कहना अभ्यास करने से उनकी तीरंदाजी में सुधार हुआ है।
जल्द ही स्टेडियम में निशानेबाजी के लिए कोर्ट तैयार होने के बाद अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। इससे उनकी प्रतिभा में और निखार आएगा। जिले की महिला तीरंदाज अलग-अलग आयु वर्ग में प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में मेडल भी जीत चुकी हैं।
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तीरंदाजी करना बहुत अच्छा लगता है, अभ्यास के साथ ही अब टारगेट भी सही हो रहा है, जिससे कोई दिक्कत नहीं हो रही है।
मोहिनी
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तीरंदाजी के बारे में पहले ज्यादा पता नहीं था, लेकिन अब धीरे-धीरे सब समझ आ गय है, अब तो अभ्यास करने में बहुत मजा आता है।
रूपाली
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प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा है, इसी वजह से निरंतर अभ्यास करने स्टेडियम आ रहीं हूं।
वैशाली
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शुरू में स्कूल के साथ अभ्यास करने में दिक्कत हुई थी, लेकिन अब तो सारी चीजें रूटीन में आ गईं। पढ़ाई के साथ अभ्यास कर रहीं हूं।
नीतू
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जिले से खिलाड़ी प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में मेडल जीत चुके हैं, तीरंदाजी कोर्ट शुरू होने के बाद इनके लक्ष्य साधने के अभ्यास में और वृद्धि होगी।
राजा बाबू, आर्चरी कोच