इंदिराचौक से दातागंज तिराहे का जाना वाले रोड पर स्थित नाला। संवाद
बदायूं। शहर और देहात की सड़कों पर खुले नाले प्रशासनिक लापरवाही की गवाही दे रहे हैं। डीएम की अध्यक्षता में पिछले सप्ताह हुई बैठक में नालों को ढकने के दिए निर्देश भी सिर्फ कागजी ही साबित हुए हैं।
नोएडा सेक्टर-150 में हालिया हादसे के बाद वहां बैरिकेडिंग कराई गई, लेकिन जिले में पुराने हादसों से भी कोई सबक नहीं लिया गया। नतीजा यह है कि खुले नाले आज भी राहगीरों, यात्रियों और वाहन चालकों के लिए मौत का न्योता बने हुए हैं। शहर के पथिक चौक पर 12 दिसंबर 2024 को ऊपर पारा निवासी मोहम्मद शरिक की नाले में डूबकर मौत हो गई थी। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने नाले पर स्लैब डालने की जहमत नहीं उठाई।
इंदिराचौक से दातागंज तिराहे का जाना वाले रोड पर स्थित नाला। संवाद
इंदिराचौक से दातागंज तिराहे का जाना वाले रोड पर स्थित नाला। संवाद
इंदिराचौक से दातागंज तिराहे का जाना वाले रोड पर स्थित नाला। संवाद