बदायूं। दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता की पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतका के भाई ने पति समेत ससुराल के अन्य सदस्यों पर हत्या का आरोप लगाया है। यह घटना बिनावर थाना क्षेत्र के उसैता गांव में दो मई की रात को हुई। लेकिन पुलिस मामले में केस दर्ज नहीं कर रही है। इसको लेकर बुधवार को पीड़ित परिवार ने एसपी सिटी अभिषेक सिंह से मिलकर कार्रवाई की मांग की। इस पर एसपी सिटी ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शिकायतकर्ता मुनेंद्र सिंह ने एसपी सिटी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने अपनी बहन धर्मवती की शादी करीब दो साल पहले अर्जुन से की थी। शादी में लगभग सात लाख रुपये खर्च किए गए थे और सोने-चांदी के आभूषणों के साथ एक प्लेटिना मोटरसाइकिल भी दी गई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही धर्मवती के ससुराल वाले, जिनमें पति अर्जुन, जेठ प्रेमपाल और जेठ हीरालाल शामिल हैं, अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। वे एक बुलेट मोटरसाइकिल और आठ लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर धर्मवती को लगातार प्रताड़ित किया जाता था, मारा-पीटा जाता था और खाने-पहनने के लिए भी परेशान किया जाता था। धर्मवती ने एक पुत्र को जन्म दिया, लेकिन इसके बावजूद ससुराल वालों का उत्पीड़न कम नहीं हुआ। उसे आए दिन मारपीट कर घर से निकाल दिया जाता था। धर्मवती चुपचाप यह सब सहती रही ताकि उसका घर न उजड़ जाए।
दहेज की मांग और उत्पीड़न धर्मवती ने इसकी सूचना अपने मायके वालों को भी दी थी। मायके वालों ने कई बार ससुराल जाकर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, ससुराल वाले अपनी मांग पूरी हुए बिना धर्मवती को रखने को तैयार नहीं हुए और मायके वालों के साथ गाली-गलौज व धक्का-मुक्की भी की। दो मई 2026 की रात करीब दो बजे सभी ससुराल वालों ने धर्मवती को अतिरिक्त दहेज के लिए इतना पीटा कि वह अधमरी हो गई। इसी के परिणामस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई।
मुनेंद्र सिंह को बिचौलिया कमल ने धर्मवती की मौत की सूचना दी। जब मुनेंद्र अपने पिता के साथ वहां पहुंचे, तो धर्मवती जमीन पर अकेली पड़ी थी और कोई भी ससुराली जन वहां मौजूद नहीं था। कमल ने कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। मुनेंद्र सिंह अपनी बहन को राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में राज्य महिला आयोग, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक बरेली मंडल और पुलिस महानिरीक्षक बरेली मंडल को भी प्रतिलिपि भेजी गई है।