उझानी/कछला (बदायूं)। कटरी में मूंगफली की फसल देखने के लिए निकले छात्र विशेष पाल पर किसी जंगली जानवर ने हमला कर दिया। वह अपने खेत में ही बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। शरीर के कई हिस्सों पर नोंचने के निशान के थे। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। परिवार वालों ने बिना पुलिस और वन कर्मियों को अवगत कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। गांव वालों को आशंका है कि तेंदुए के हमले में छात्र की मौत हुई है।
घटना रविवार दोपहर हुई। कोतवाली क्षेत्र के गांव ढकनगला निवासी विशेष पाल (17) पुत्र जसवीर सिंह बदायूं के एचपी इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 11वीं का छात्र था। वह दोपहर करीब 12 बजे घर से यह कहकर निकला कि खेत पर जाकर मूंगफली की फसल देखनी है। उसके साथ कोई और नहीं था। डेढ़-दो घंटे बाद भी जब वह घर नहीं लौटा तो पिता ने उसके मोबाइल पर कॉल की। घंटी बजती रही लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। जसवीर खेत पर पहुंचे तो विशेष पाल बेहोशी की हालत में पड़ा था। उसके चेहरे पर बायीं आंख के पास किसी जानवर के नोचने के निशान थे। फसल में किसी जानवर के पगचिह्न के निशान भी थे।
परिजन उसे बेहोशी की हालत में लेकर कासगंज के एक निजी अस्पताल पहुंचे। इलाज शुरू होने के करीब आधा घंटे के दौरान ही विशेष पाल की मौत हो गई। देर शाम बिना पुलिस और वन कर्मियों को अवगत कराए उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि सोमवार अपराह्न कुछ लोगों के जरिये मामला संज्ञान में आया लेकिन परिजन ने कुछ नहीं बताया है। यहां बता दें कि मृत छात्र विशेष पाल, जसवीर की तीन संतानों में इकलौता बेटा था।
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आठ साल पहले जंगल में दिखा था तेंदुआ
छात्र विशेष पाल पर किस जानवर ने हमला किया यह स्पष्ट नहीं है पर गांव वाले तेंदुए के हमलावर होने की आशंका जाहिर कर रहे हैं। यहां बता दें कि करीब आठ साल पहले अप्रैल 2016 में तेंदुए ने सिकंदराबाद के जंगल में उत्पात मचाया था। किसानों पर हमले के बाद तेंदुआ एक कुंए में गिर गया और वन विभाग की टीम आने से पहले छलांग लगाकर भाग गया था। यहां बता दें कि भाजपा ग्रामीण मंडल के अध्यक्ष अजय तोमर ने उस समय पुलिस और वन विभाग को जानकारी दी थी।
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तेंदुआ होता तो मांस नोंचकर ही नहीं फेंकता, बल्कि उसे खा लेता। कई बार सियार और कुत्ते भी इस तरह की घटना कर देते हैं। टीम से जांच करा लेंगे।
- अशोक कुमार सिंह, डीएफओ