अलापुर। थाना क्षेत्र के चितौरा निवासी ईंट भट्ठा मजदूर की हत्या के मामले में अलापुर पुलिस ने सोमवार को उसकी पत्नी समेत तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मजदूर की पत्नी के दोनों हत्यारोपियों से संबंध थे। इसी वजह से दोनों ने मजदूर को शराब पिलाने के बाद मौत के घाट उतार दिया था।
अलापुर कस्बे में मुरादाबाद-फर्रूखाबाद हाईवे के किनारे गेहूं के खेत में सात मार्च को चितौरा गांव के रामवीर (45) पुत्र भोलानाथ का शव पड़ा मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसकी गला दबाने से हत्या की पुष्टि हुई थी। रविवार को रामवीर के भाई धर्मवीर ने उसकी पत्नी शिखा उर्फ दुर्गा समेत तीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमे में कहा गया था कि उसका भाई रामवीर अभियासा के ईंट भट्ठे पर परिवार के साथ रहता था। छह मार्च को वह पत्नी शिखा उर्फ दुर्गा के साथ गांव में सरसों की फसल कटवाने आया था। यहां से वह पत्नी के साथ ईंट भट्ठे पर लौट रहा था। जहां उसकी पत्नी तो भट्ठे पर पहुंच गई, लेकिन उसका भाई नहीं पहुंचा।
अगली सुबह भाई का शव खेत में मिला था। भाई की हत्या उसकी पत्नी शिखा, हरवीर पुत्र महरवान निवासी गांव बगिया थाना अलापुर और राजपाल पुत्र डोरीलाल निवासी सिरसा थाना सिविल लाइंस ने की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में तीनों ने रामवीर की हत्या करना स्वीकार लिया। अलापुर इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
ईंट भट्ठे पर रची गई हत्या की साजिश
पुलिस की पूछताछ में हत्यारोपी हरवीर ने बताया गया कि उसके रामवीर की पत्नी शिखा से संबंध थे। इससे पहले शिखा के संबंध सिविल लाइंस क्षेत्र के गांव सिरसा निवासी राजपाल से भी थे। दोनों से शिखा के संबंधों की जानकारी उसके पति रामवीर को हो गई थी। इस वजह से वह शिखा से विवाद करता था। चार मार्च को शिखा ने उन दोनों को अलापुर के ईंट भट्ठे पर बुलाया था। जहां उन्होंने रामवीर के साथ शराब पी। रामवीर के बाहर चले जाने के बाद शिखा ने कहा कि उसके पति को रास्ते से हटा दो। वह उसके संबंध के बीच रोड़ा बन रहा है। इसके बाद वह हरवीर से शादी कर लेगी। इसके बाद तीनों ने रामवीर की हत्या की साजिश रच डाली।
शराब पिलाकर की थी हत्या
पुलिस ने बताया कि चार मार्च को जब रामवीर गांव से ईंट भट्ठे के लिए लौट रहा था। तब हरवीर व राजपाल उसे रास्ते में मिल गया था। जहां हरवीर ने रामवीर को शराब पिलाने के बहाने रास्ते में रोका और उसकी पत्नी को ई-रिक्शा पर बैठाकर ईंट भट्ठे पर भेज दिया। इसके बाद वे लोग कंचनपुर गांव गए। जहां से कच्ची शराब खरीदी। इसके बाद वह एक गेहूं के खेत के पास बैठ गए। जहां रामवीर को अधिक मात्रा में शराब पिलाई गई। नशे में रामवीर ने हरवीर से कहा कि उसके व राजपाल के पत्नी के साथ संबंध हैं। वह किसी दिन दोनों को जेल भिजवा देगा। इस पर दोनों में कहासुनी हो गई। इस दौरान हरवीर ने उसे लात मारकर गेहूं के खेत में गिरा दिया। गमछे को उसके गले में कस दिया। इसके बाद उसे खेत में खींचा, जिससे उसकी मौत हो गई।