शीतलहर के बीच घर से निकली एक युवती। संवाद
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बदायूं। बृहस्पतिवार को दिन भर शीतलहर का प्रकोप बना रहा। दिन की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। दोपहर में कुछ समय के लिए धूप खिली लेकिन सर्द हवाओं के कारण शीतलहर का प्रकोप बना रहा। बृहस्पतिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अनुमान है कि शुक्रवार को मौसम में कुछ सुधार हो सकता है।
बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम सात डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। इस दौरान 10 से 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से सर्द हवाएं चलती रहीं। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहने के कारण दृश्यता काफी कम रही। इस कारण रोडवेज की परिवहन सेवा भी प्रभावित हुई। सुबह साढ़े सात बजे आने वाली कासगंज-लालकुआं स्पेशल एक्सप्रेस भी करीब 25 मिनट देरी से बदायूं पहुंची। सर्द हवाओं के कारण यात्री भी कम निकले। यात्री कम होने के कारण रोडवेज की 45 बसें रूटों पर नहीं दौड़ सकीं।
कोहरा और शीतलहर के प्रकोप के बाद दोपहर तक कम लोग ही घरों से निकले। दोपहर में जब कुछ धूप खिली तब सड़कों पर कुछ भीड़-भाड़ दिखी। शाम को फिर से शीतलहर का प्रकोप बढ़ जाने के कारण सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा। जरूरी होने पर ही लोग घरों से निकले।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. आलोक सागर गौतम का कहना है कि शुक्रवार को हवाओं की रफ्तार 15 किमी से ज्यादा रहेगी। इस दौरान तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। शुक्रवार को कोहरे का असर कुछ कम होने और दोपहर के समय धूप खिलने का अनुमान है।
बिल्सी। बृहस्पतिवार को सुबह घना कोहरा भी छाया रहा। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण ठिठुरन भरी सर्दी से लोग कांप उठे। रात से शुरू हुए कोहरे का कहर सुबह जल्दी साफ हो गया पर आसमान में बादल के बीच पूरे दिन धुंध छाई रही। पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। पूरे दिन लोग अपने घरों में दुबके रहे और आग के सहारे लोगों का दिन बीता। प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने में खानापूर्ति की जा रही है। सर्दी का सितम कहीं लोगों बीमार नबना दे, इसके लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। नगर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.प्रसून वार्ष्णेय के मुताबिक ऐसे मौसम में हृदयरोग व सांस रोगियों के साथ ही बच्चों में कोल्ड डायरिया का खतरा रहता है। इसलिए सर्दी से बचाने के लिए बुजुर्गों और बच्चों का खास ख्याल रखना आवश्यक है। सर्दी बढ़ने के साथ ही गर्म कपड़ों की मांग में इजाफा हुआ है। संवाद