फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जनवरी में मार्च जैसे तापमान ने मौसम विशेषज्ञों की चिंता बढ़ाई

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। मौसम के बदलते मिजाज को लेकर मौसम विशेषज्ञ काफी चिंतित हैं। दरअसल, पहली बार जनवरी के महीने में तापमान मार्च जैसा बना हुआ है। मंगलवार से तापमान में इजाफा हो रहा है। इस दौरान अधिकतम तापमान बढ़कर 24 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। मौसम और कृषि के जानकारों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह बना रहा तो गेहूं की फसल के लिए खतरा पैदा हो जाएगा।
विज्ञापन

मौसम के जानकारों ने दिसंबर के अंतिम और जनवरी के पहले सप्ताह में शीतलहर के साथ बारिश का अनुमान जताया था। काफी हद तक यह सही साबित भी हुआ। शीत लहर के साथ बारिश भी हुई। इससे गेहूं की फसल को फायदा जबकि आलू की फसल को नुकसान हुआ। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों को यह अनुमान नहीं था कि जनवरी का पहला सप्ताह खत्म होते-होते तापमान में इतना उतार-चढ़ाव हो जाएगा। आमतौर पर मार्च के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 24-25 डिग्री के आसपास और न्यूनतम 15-16 डिग्री सेल्सियस के आस-पास पहुंचता है, लेकिन इस बार जनवरी में ही तापमान में काफी इजाफा हो गया। पिछले तीन दिन से अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री और न्यूनतम 11 से 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
हेमवती नंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी गढ़वाल के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आलोक सागर गौतम का कहना है कि हवा की दिशा उत्तर-पूर्वी होने से विक्षोभ के कारण तापमान बढ़ रहा है। हवा में नमी की मात्रा कम होने से कोहरा भी नहीं हो रहा है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार भी कम हो रही है। इससे मैदानी इलाकों में तापमान आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। तापमान बढ़ने का सीधा दुष्प्रभाव गेहूं, जौं, चना और आलू की फसलों पर होगा।
विज्ञापन

जनवरी के पहले सप्ताह में ही अचानक तापमान में इजाफा होना चिंता का विषय है। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से वातावरण में कई बदलाव आ रहे हैं। इस बार सर्दियों के सीजन में जितनी बारिश होनी चाहिए थी उतनी बारिश नहीं हुई है। कोहरे का भी अब तक प्रकोप कम रहा है। आने वाले तीन-चार दिन तक तापमान बढ़ता रहेगा। इस कारण फसलों को नुकसान होगा।
विज्ञापन

- डॉ. आलोक सागर गौतम, मौसम विशेषज्ञ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें