नरऊ के पंचायत घर पर मौजूद ग्रामीण। संवाद
उझानी। निर्माणाधीन बाइपास पर चल रहे मिट्टी भराई के काम की चपेट में नगर पालिका के नाले को लेकर बुधवार शाम छह बजे ग्रामीण इकट्ठे हो गए। उन्होंने तालाब से पहले ही नाले के पानी को रोके जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि नाला खोलने की कोशिश की गई तो वह आंदोलन करेंगे।
नरऊ गांव के पंचायत घर के गेट पर जुटे ग्रामीणों ने कहा कि नाला बंद करने के लिए उन्होंने कई बार आंदोलन किया है। इसके बाद भी नगर पालिका परिषद ने उझानी के नालों का पानी तालाब की ओर रोकने की कोशिश नहीं की। नगर पालिका के अधिकारी ग्रामीणों को बार-बार गुमराह करते हैं। तालाब में नाले का पानी गिरने से सैकड़ो बीघा फसलें भी बर्बाद हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने मौके पर ही नगर पालिका अधिकारियों के खिलाफ गुस्से का इजहार किया। नेपाल सिंह ने बताया कि 19 फरवरी को कांग्रेस ने किसानों के हक की आवाज उठाते हुए आंदोलन किया था। तब पालिका के अधिकारियों ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि मई महीना तक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू कराके ग्रामीणों को समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। इसके बाद भी प्लांट के निर्माण को अभी तक धनराशि अब मुक्त नहीं हुई है। नगर पालिका ने अगर बाइपास के नीचे पाइप डलवाकर तालाब तक पानी पहुंचाने की कोशिश की तो उन्हें आंदोलन करना पड़ेगा। इस मौके पर हरी बाबू, बलवीर सिंह, तिलक सिंह, नेक्सू, रामपाल, प्रमोद और चंद्रपाल आदि मौजूद रहे।