मृतक के परिजनों को समझाते पुलिस अधिकारी
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सीओ से आरोपियों को फांसी पर लटकाने की गुहार लगाई
सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह ने गांव पहुंच मृतक की पत्नी प्रियंका और अन्य परिजनों से मुलाकात की। हरिओम के डेढ़ साल के बेटे आदित्य को दुलार भी किया। परिवार से कहा कि जल्द सभी आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। मृतक की पत्नी ने आरोपियों को फांसी पर लटकाने की गुहार लगाई।
पुलिस कर्मियों पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप
गांव कादरचौक में कार खड़ी करने के विवाद में हरिओम की हत्या होने के मामले में मंगलवार की शाम परिजनों संग ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने नाथा चौकी के पुलिस कर्मियों पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और सभी को निलंबित करने की मांग की। देर रात साढ़े दस बजे तक सड़क जाम रही।
मृतक हरिओम के ममेरे भाई राकेश ने बताया कि घटना के समय नाधा चौकी के इंचार्ज प्रदीप कुमार और सिपाही आशीष को फोन किया गया था, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। परिजनों ने नाधा चौकी के पुलिस कर्मियों पर आरोपियों का सहयोग करने का आरोप लगाया। आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने और एनकाउंटर करने की मांग रखी। एसडीएम सहसवान, सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह, सीओ बिल्सी आलोक सिद्ध और चार थानों ने मोर्चा संभाला, मगर इसके बाद अचानक माहौल बिगड़ गया।
चौकी के सामने बैठे परिजन और ग्रामीण
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छह हत्यारोपी गिरफ्तार, कुल्हाड़ी-भाला बरामद
हरिओम की हत्या के मामले में 12 आरोपियों को नामजद कर केस दर्ज कर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल्हाड़ी, भाला और लोहे की रॉड की बरामद की है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने सोमवार रात दबिश देकर गांव निवासी चंद्रकेश, प्रेम सिंह, चंद्रवीर, पप्पू, सुरेश चंद्र और जितेंद्र को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से लोहे की दो रॉड और दो लाठी भी बरामद कीं।
गौरतलब है कि रविवार रात गांव निवासी कल्याण सिंह की बेटी की बरात आई थी। दावत में शामिल होने के बाद हरिओम, रामानंद और जगेंद्र घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के चौराहे पर चंद्रवीर और जितेंद्र अपनी कार लेकर पहुंचे। चौराहे पर कार खड़ी करने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हुई। मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए हरिओम की मौत हो गई थी। हरिओम और आरोपी पक्ष की होली पर कहासुनी हुई थी। इसके बाद से आरोपी पक्ष हरिओम पक्ष से रंजिश मानने लगा था।
एसपी देहात डॉ हृदयेश कठेरिया ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शाम को हरिओम का शव गांव लेकर आए तो अन्य जनपद से आए कुछ बाहरी लोगों ने गांव के लोगों को भड़काकर पुलिस पर अनर्गल दबाव बनाने को रोड पर जाम लगवा दिया। पुलिस प्रशासन ने धैर्यपूर्वक समझाने का प्रयास किया। साढ़े छह घंटे सड़क जाम रही। बाहरी व्यक्तियों ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया। पथराव भी किया गया। थाना जरीफनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।