उघैती। बिल्सी क्षेत्र का बड़ा गांव उघैती नगर पंचायत बनते-बनते रह गया। पिछली साल डीएम ने उघैती व दहगवां को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव पास कर शासन को भेजा था। इनमें से दहगवां को नगर पंचायत का दर्जा मिल गया। इसकी बड़ी वजह दहगवां का नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता का पैतृक गांव होना भी बताया जा रहा है। उघैती के व्यापारियों व प्रबुद्ध वर्ग को पिछली साल से इस बात का मलाल है कि उनका गांव नगर पंचायत बनते बनते रह गया। इस मामले में अमर उजाला से लोगों ने खुलकर बात की। भाजपा से जुड़े लोग जहां चुनावों की नजदीकी देख सरकार व राज्यमंत्री के प्रति ज्यादा उम्मीद बांधे दिखे वहीं अन्य लोगों का कहना था कि अब यह सपना ही रह जाएगा।
- उघैती को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने का प्रयास जारी है। नगर विकास राज्यमंत्री ने पहले भी इसकी पैरवी की थी, दोबारा से प्रयास किए जा रहे हैं कि उघैती को नगर पंचायत का दर्जा मिल जाए। - पुरुषोत्तम लाल टाटा, भाजपा सांसद के प्रतिनिधि
- उघैती को हर हाल में नगर पंचायत का दर्जा मिलना चाहिए। यह ग्राम पंचायत इसके लिए सभी जरूरी मानक पूरे करती है। अब तो आबादी भी 25 हजार के करीब है। - अजीत पालीवाल
- उघैती को अगर नगर पंचायत का दर्जा मिला तो इससे क्षेत्र के विकास में तेजी आएगी। रोजगार के नए साधन भी बनेंगे। जनहित में यह काम ज्यादा जरूरी है। - बॉबी शर्मा व्यापारी
- नगर पंचायत बनते बनते रह गई। इससे कस्बे की जनता को बहुत दुख हुआ है। अगर जनप्रतिनिधियों के प्रयास से उघैती को नगर पंचायत का दर्जा मिला तो यहां नगरीय सेवाओं में विस्तार होगा। - मनोज पालीवाल व्यापारी
- उघैती जिले की बड़ी ग्राम पंचायत है। यहां थाना विद्यालय, बैंक जैसे तमाम संसाधन मौजूद हैं। अगर नेता कायदे से पैरवी करें तो जल्दी ही उघैती को नगर पंचायत का दर्जा मिल सकता है। - प्रवेंद्र कुमार, पूर्व ग्राम प्रधान उघैती शर्की