पांच साल की वंदना के सिर से उठा पिता का भी साया
मृतक विजय बहादुर अपने चार भाइयों में सबसे छोटे मुकेश से बड़े थे। पिता का निधन काफी पहले हो चुका है। दो-ढाई साल पहले पत्नी प्रीती का भी निधन हो चुका है। उनकी इकलौती संतान पांच साल की बेटी वंदना है। पिता की मौत के बाद उसका रो-रोकर बुरा हाल है। विजय की बूढी मां ज्ञानदेवी ने ग्रामीणों को बताया कि उन्होंने विजय को दिन निकल आने पर खेत पर जाने का कहा था, लेकिन उसे सिंचाई के साथ फसल में छुट्टा पशुओं के घुस आने की चिंता सता रही थी।
रामनरेश को अगले साल करना था बेटी का ब्याह
हादसे का शिकार हुए रामनरेश शाक्य की आठ संतान में दो बेटियों की शादी हो चुकी है। तीन बेटों में अशोक, अर्पित और बबलू हैं। तीन बेटियों की शादी नहीं हुई है। बेटियों में से एक की शादी के लिए उन्होंने रिश्तेदारों के जरिये वर की खोज शुरू कर दी थी। अगले साल उन्हें तीसरी बेटी की शादी करनी थी। हादसे में पति की मौत के बाद पत्नी सरवती का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
विद्युत सुरक्षा अनुभाग करेगा हादसे की जांच
हादसे की सूचना के बाद मौके पर जाने से स्थानीय स्तर के अफसर कन्नी काटते रहे। एक्सईएन को भी अवगत कराया गया था, लेकिन वह भी मौके पर नहीं पहुंचे। इसे लेकर पूछे जाने पर एसडीओ अभिषेक राय ने बताया कि इलाके के जेई ने दोपहर बाद ग्रामीणों के जरिये हादसे के बारे में हकीकत का पता करा लिया है। जेई के जरिये यह भी पता चला है कि न तो तार टूटा था और न ही ट्रांसफार्मर बर्स्ट हुआ था। फिर भी जांच के लिए विद्युत अनुभाग के जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय को अवगत करा दिया गया है। विद्युत सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी।