फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: पिकअप की टक्कर में बाइक सवार दो दोस्तों की मौत

विज्ञापन
कुलदीप सागर। फाइल फोटा
विज्ञापन
फैजगंज बेहटा। घर-गृहस्थी का भार कभी-कभी इतना भारी हो जाता है कि जान तक के लाले पड़ जाते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ फैजगंज बेहटा के दो दोस्तों के साथ। एक युवक के घर पर एलपीजी सिलिंडर खत्म हो गया था। वह परिजनों के कहने पर दोस्त के साथ सिलिंडर लेने जा रहा था। रास्ते में एमएफ हाईवे पर भमौरी के पास पिकअप वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। इसमें दोनों दोस्तों की मौत हो गई।
विज्ञापन

कस्बा के वार्ड नंबर छह निवासी ओमकार के घर में एलपीजी का सिलिंडर खत्म हो गया था। घर की महिलाओं ने उससे दूसरा भरा सिलिंडर लाने को कहा। तब ओमकार के पुत्र कुलदीप सागर (25) ने वार्ड नंबर चार निवासी अपने दोस्त संजीव सागर (26) पुत्र सियाराम को घर बुला लिया। दोनों दोस्त रविवार को खाली सिलिंडर भरवाने मुड़िया धुरेकी पूर्वाह्न करीब 10:30 बजे निकले थे।
एमएफ हाईवे पर महोरी गांव के समीप तेज रफ्तार पिकअप ने पूर्वाह्न करीब 11 बजे उनकी बाइक में टक्कर मार दी। बाइक और सिलिंडर भी दूर जा गिरे। हादसे में दोनों दोस्त गम्भीर रूप से घायल हो गए।
विज्ञापन

मौके पर मौजूद लोगों ने एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन किया। आधा घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई तो इंस्पेक्टर सुभाष कुमार ने अपनी सरकारी गाड़ी से बिसौली सीएचसी पर दोनों घायलों को पहुंचाया, जहां डाक्टरों की टीम ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद चालक-परिचालक पिकअप मौके पर छोड़कर भाग निकलेे। कुछ लोगों ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे हाथ नहीं आ सके। पिकअप वाहन पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
मृतक कुलदीप चार भाइयों में सबसे छोटा है। उसकी एक साल की बेटी है। उसका दोस्त मृतक संजीव सागर पांच भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। घटना के बाद दोनों दोस्तों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।



परिवार अभी गम में है। पुलिस को उनकी ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। - अंशुमन श्रीवास्तव, सीओ, बिसौली


दुर्घटना के बाद आधा घंटे तक लगा रहा एमएफ हाईवे पर जाम

एमएफ हाईवे पर पूर्वाह्न करीब 11:00 बजे पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो दोस्तों की मौत के बाद वहां जाम के हालात पैदा हो गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद करीब 11:30 बजे तक जाम के हालात बने रहे। पुलिस ने पहले दुर्घटना की स्थिति को संभाला, उसके बाद जाम खुलवाया।

दोनों परिवारों की है आर्थिक स्थिति कमजोर

सड़क दुर्घटना में मारे गए दोनों दोस्तों के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। कुलदीप कस्बा में ही मजदूरी करता था। परिवार का खर्च कुलदीप और परिवार के अन्य सदस्यों की मजदूरी से ही चलता है। कुलदीप के दोस्त संजीव के परिवार की भी स्थिति ऐसी ही है। वह मुंबई में मजदूरी किया करता था।

कुलदीप सागर। फाइल फोटा

कुलदीप सागर। फाइल फोटा

कुलदीप सागर। फाइल फोटा

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें