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UP Police: पिता चलाते हैं पंचर बनाने की दुकान, दो बेटियां बनीं सिपाही, घर में आईं खुशियां

Thu, 19 Jun 2025 06:35 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं में दो सगी बहनों का यूपी पुलिस में सिपाही पद पर चयन हुआ है। उनके पिता पंचर बनाने की दुकान चलाते हैं। बेटियों के सिपाही बनने पर परिवार में खुशियों का माहौल है। 
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देव सिंह और उनकी दोनों बेटियां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बदायूं के कादरचौक में पंचर बनाने की दुकान चलाने वाले देव सिंह की दो बेटियां उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही बन गई हैं। बीते 15 जून को दोनों को नियुक्त पत्र मिला तो परिवार में खुशियां छा गईं। इनका इकलौता बेटा है, जो दो साल पहले लापता हो गया था। दोनों बेटियों के सिपाही बनने पर घर में खुशी लौट आई हैं। ट्रेनिंग पर जाने से पहले दोनों बहनों का भव्य स्वागत किया गया। गांव के लोगों ने उनको शुभकामनाएं दीं। 

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उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित बहनें सुजाता गौतम और प्रगति गौतम के पिता देव सिंह पंचर बनाने व साइकिल मरम्मत की दुकान चलाते हैं। उन्होंने दिन-रात मेहनत कर अपने बच्चों को पढ़ाया। उनकी मेहनत के सुखद परिणाम आए। उनकी दोनों बेटियां अब सिपाही बन गई हैं। मंगलवार को दोनों बेटियों को ट्रेनिंग के लिए भेजते समय पिता के आंसू छलक आए। 

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धूमधाम से ट्रेनिंग के लिए रवाना किया 
गांववालों ने कादरचौक ग्राम पंचायत का नाम रोशन करने वाली दोनों बहनों को सम्मान व धूमधाम से ट्रेनिंग के लिए रवाना किया गया। इस मौके पर प्रधान दिनेश कुमार, एडीओ पंचायत शिवकुमार के अलावा गांव के तमाम लोग मौजूद रहे।

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सुजाता गौतम ने ब्लॉक में पंचायत सहायक के रूप में काम भी किया था। इन बहनों का इकलौता भाई अभिनव था, जो दो साल पहले लापता हो गया। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। अब तक उसकी तलाश जारी है। 

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पिता देव सिंह ने बताया कि उन्होंने झोपड़ी में रहकर दिन गुजारे, लेकिन बच्चों को पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आज बहुत खुश हूं। बेटियों ने नाम रोशन किया है। एक बेटी और है। उसे भी खूब पढ़ाऊंगा, जिससे अपनी बहनों की तरह काबिल बन सकें। 

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