शिविर में मौजूद समूह के महिला- पुरुष। संवाद
उझानी। मनरेगा में वित्तीय वर्ष के दौरान 100 दिन काम कर चुके श्रमिकों को रोजगार के लिए सरकार ऋण देगी। इसकेे लिए श्रमिकों को सिलाई- कढ़ाई, ब्यूटीशियन, मोमबत्ती और अगरबत्ती बनाने आदि का प्रशिक्षण लेना होगा। ब्लॉक मुख्यालय पर शुक्रवार से 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया।
शिविर के पहले दिन मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार ने श्रमिकों को लाभकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कहा कि इसका लाभ उन्हीं श्रमिकों को मिलेगा, जो मनरेगा के एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन काम कर चुके हैं।
12 दिन तक प्रशिक्षण लेने के बाद श्रमिक मोमबत्ती, अगरबत्ती बनाने, डेयरी फार्मिंग, सिलाई- कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर चलाने के लिए बैंक से ऋण ले सकते हैं। सीडीओ ने पंजीकृत श्रमिकों से संवाद भी किया। साथ ही उन्हें बेहतर कार्य करने की सलाह दी।
पंजाब नेशनल बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान की देखरेख में प्रशिक्षण के पहले दिन प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को टिप्स भी दिए। ब्लॉक प्रमुख शिशुपाल सिंह शाक्य, श्रम उपायुक्त अरुण कुमार पांडेय और संस्थान के निदेशक रोहित सिंह ने स्वरोजगार के फायदे बताए।
बीडीओ सर्वज्ञ अग्रवाल ने कहा कि स्वरोजगार की दिशा में सरकार की ओर से कई योजनाएं संचालित हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना श्रमिकों के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इस मौके पर ब्लॉक के लेखाकार स्वयंप्रकाश गुप्ता के अलावा मनरेगा के कर्मचारी भी मौजूद थे।