उझानी (बदायूं)। वितरोई में पीसीएफ के गोदाम पर डीएपी वितरण के समय किसानों और गोदाम इंचार्ज के बीच कहासुनी और हंगामे के बाद मारपीट हो गई। इसमें इंचार्ज और उनके सहायक के अलावा किसानों की तरफ से युवक घायल हुआ। मारपीट के बाद दोनों पक्ष के समर्थक भी लामबंद हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें खदेड़ दिया। मामले में दोनों पक्षों की ओर से तहरीर दी गई है।
पीसीएफ के गोदाम पर मारपीट और हंगामा शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे हुआ। उस वक्त गोदाम पर डीएपी का ट्रक अनलोड हो रहा था। गोदाम इंचार्ज कछला निवासी सुधीर कुमार सिंह के मुताबिक ट्रक अनलोड होने के साथ ही वह डीएपी भी बांट रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी गांव ज्योरा पारवाला निवासी छह-सात लोग पहुंचे। इनमें से एक ने डीएपी की रसीद भी कटवा ली लेकिन रुपये देने का नंबर आया तो वह आनाकानी करने लगा। जल्द रुपये देने को कहने पर वह और उसके साथी युवक टूट पड़े। मारपीट में सुधीर समेत उनका सहायक गांव फकीराबाद निवासी पप्पू घायल हो गए। घायल गोदाम इंचार्ज ने मारपीट करने वालों की संख्या छह-सात बताई है। किसानों में केशव पुत्र पूरन लाल मौर्य ने बताया कि गोदाम इंचार्ज को उन्होंने ओवररेट के रुपये नहीं दिए तो डंडे से हमला कर दिया।
मारपीट और हंगामा के बाद दोनों पक्ष के कई लोग मौके पर पहुंचे। उनके बीच भी कहासुनी हुई। डॉयल-112 के पुलिसकर्मियों ने हंगामा कर रहे लोगों को खदेड़ दिया। दोपहर बाद गोदाम इंचार्ज ने कोतवाली आकर पुलिस को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। साथ ही मारपीट के दौरान लूट का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंप दी। दूसरी तरफ, किसानों में ज्योरा पारवाला निवासी गुड्डू शाक्य, तेजपाल, उपेंद्र कुमार और सुरेंद्र आदि की ओर से गोदाम इंचार्ज और उनके साथियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी गई है। बदायूं से पीसीफ के अफसरों ने घायल इंचार्ज से बात कर जानकारी की। पुलिस ने दोनों पक्ष के घायलों का मेडिकल भी कराया है। प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिंह ने बताया कि डीएपी को लेकर मारपीट हुई है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। मारपीट की हकीकत पता लगाने के लिए दरोगा को मौके पर भेजा गया है।
डीएपी के लिए तड़के से लग जाती है किसानों की कतारें
उझानी। वितरोई के पीसीएफ गोदाम पर किसानों और गोदाम इंचार्ज के बीच मारपीट के मामले में चश्मदीद ज्योरा पारवाला निवासी भुवनेश ने बताया कि डीएपी की किल्लत से इलाके के लोग परेशान हैं। उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पाता है। इसकी शिकायत भी की जा चुकी है। शुक्रवार को उनके गांव ही नहीं, बल्कि पड़ोसी गांवों के किसान भी डीएपी के खातिर गोदाम पर तड़के से ही पहुंच गए थे। ऐसा कोई एक दिन नहीं होता। किसानों को जब भी डीएपी का ट्रक पहुंचने की भनक लगती है, वह गोदाम पर पहुंच जाते हैं।
वर्जन
- वितरोई मामले में गोदाम इंचार्ज और किसान के बीच कहासुनी और मारपीट की बात सामने आई है। सूचना के बाद पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है। हकीकत का पता लगाने के लिए कोतवाली पुलिस ने ग्रामीणों से भी जानकारी की है। - गजेंद्र सिंह क्षोत्रिय, सीओ