बदायूं। जिले में बिजली का संकट कम नहीं हो रहा है। शहर से लेकर गांव तक अघोषित कटौती की जा रही है। बुधवार को दोपहर को हुई बारिश के बाद कई फाल्ट हुए। उसे ठीक करने के बाद शाम तक आपूर्ति दी गई। वहीं बारिश के दौरान तीन दिन पहले आसफपुर में तीन ट्रांसफार्मर फुंक गए थे। उसे अब तक नहीं बदला गया है।
पिछले कई दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव चल रहा है। बारिश और फिर कड़ी धूप के बीच उमस से लोग परेशान हैं। ऐसे में बिजली कटौती से संकट और बढ़ गया है। शहर के कई मोहल्लों में दोपहर को गई बिजली शाम तक बहाल हो सकी। वहीं, आसफपुर के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चार ट्रांसफार्मर लगे हैं। इसमें 250 केवीए को छोड़ तीन ट्रांसफार्मर सोमवार की शाम को फुंक गए। चौथा ट्रांसफार्मर भी अधिक लोड न पड़े, इसलिए रोक-रोक कर आपूर्ति दी जा रही है। सोमवार की शाम से गांव बिजली संकट से जूझ रहा है। गर्मी से लोग बेहाल हैं। पानी की समस्या पैदा हो गई है। आटा चक्की बंद होने के कारण लोग आटे का संकट हो गया। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मयंक पाठक के साथ दर्जनों ग्रामीणों ने पूर्व में बिजली समस्या को लेकर विद्युत वितरण आफिस बिसौली जाकर शिकायत दर्ज कराई थी। अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीण संतोष कुमार ने बताया कि बिजली न होने की वजह से सबमर्सिबल मोटर चल नहीं पा रही है। हैंडपंप से पानी लेना पड़ रहा है।
एसडीओ दयानंद ने बताया कि गांव के फुंके तीनों ट्रांसफार्मर जल्दी ही बदले जाएंगे। स्टोर में ट्रांसफार्मर को रखा है। स्थान का चयन हो जाने के बाद वह भी लगवा दिया जाएगा।
ट्रांसफार्मर फुंकने से 10 घंटे बंद रही सप्लाई
अलापुर। मंगलवार की शाम थाने के पास लगा ट्रांसफार्मर फुंक गया। इसके चलते आधे कस्बे की सप्लाई 10 घंटे तक बंद रही। इस वजह से भीषण गर्मी में परेशान रहे। बिजली कर्मी रात में सप्लाई चालू करने के लिए मरम्मत करते रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बुधवार की सुबह ट्रांसफार्मर को बदायूं ले गए। उसे ठीक करवाकर दोपहर को ट्रांसफार्मर लगवा दिया गया।
चार दिन बाद भी नहीं जोड़ा गया तार, धान की रोपाई प्रभावित
बिसौली। कमालपुर गांव में 11 हजार वोल्ट का लाइन टूटे चार दिन से ज्यादा हो चुके हैं, जिससे करीब दो दर्जन ट्यूबवेल बंद हैं। किसान मुकेश यादव ने बताया कि धान की पौध तैयार है, लेकिन खेत में पानी नहीं पहुंच पा रहा, जिससे धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि शिकायतों के बाद भी कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।