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हजारों श्रद्धालुओं ने किया गंगास्नान

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कछला घाट पर जुटे श्रद्धालु। संवाद - फोटो : BADAUN
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उझानी/कछला (बदायूं)। शरद पूर्णिमा पर कछला घाट समेत अन्य घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। प्रशासन ने गंगा के जलस्तर में वृद्धि और कोरोना के मद्देनजर घाट पर भीड़ न लगाने की सलाह के साथ सख्ती भी की लेकिन आस्था के आगे सख्ती धरी रह गई। इस दौरान घाट पर पुलिस ओर पीएसी के अलावा गोताखोर भी सतर्क रहे।
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बुधवार तड़के से गंगा के चारों घाट पर खासी भीड़ रही। हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ श्रद्धालु डुबकी लगाते रहे। इस दौरान उन्होंने पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया, फिर घाट पर पूजा-अर्चना की। दोपहर बाद तक श्रद्धालुओं के घाट पर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। राजस्थान के अलावा मथुरा, हाथरस, कासगंज और एटा से भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। घाट के आसपास के आश्रमों में भी धार्मिक अनुष्ठान कराए गए। कई श्रद्धालुओं ने कन्याओं के अलावा संतों को भोज कराया। इस दौरान सीओ और एसडीएम के अलावा आसपास के थानों का पुलिस फोर्स और पीएसी के जवान मुस्तैद रहे।
बरेली-मथुरा हाईवे पर कई घंटे तक थमे रहे वाहनों के पहिये
शरद पूर्णिमा पर काफी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से कछला पुल के पास बरेली-मथुरा हाईवे पर कई घंटे आवागमन ठप रहा। श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा दिक्कत सड़क किनारे बेतरतीब खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डग्गामार वाहनों से हुई। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को भी आवागमन सुचारू कराने में मशक्कत करनी पड़ी।
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पांच लोगों के थैले और पर्स गायब
गंगाघाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ में चोर-उचक्के भी सक्रिय रहे। उचक्कों ने घाट पर कासगंज जिले में सोरों निवासी नेमवती पत्नी हरिओम, नेहा पुत्री शमशेर के पर्स उड़ा लिए। इसके अलावा बिल्सी के गांव जरसैनी निवासी ब्रह्मपाल, नगलाभिंड गांव के प्रेमपाल और दर्शन सिंह के थैले भी घाट से चोरी हो गए। नेमवती और दर्शन सिंह ने घाट पर मौजूद पुलिस कर्मियों से शिकायत भी की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके विपरीत कछला चौकी इंचार्ज सत्यपाल सिंह ने घाट पर किसी भी श्रद्धालु का सामान गायब होने से इनकार किया।
कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ न जुटे, इसके लिए पुलिस प्रशासनिक स्तर से काफी इंतजाम किए गए थे। नगर पंचायत कर्मियों ने भी पुलिस का पूरा सहयोग किया। प्राइवेट गोताखोरों के अलावा पीएसी के जवानों को नावों के साथ तैनात किया गया। उन्होंने श्रद्धालुओं को गंगा में ज्यादा अंदर नहीं जाने दिया।
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- गजेंद्र सिंह क्षोत्रिय, सीओ
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