बदायूं। खून की कमी से बचाने के लिए किशोरियों को आंगनबाड़ी केंद्रों से आयरन की गोलियां नहीं दी जा रही हैं। जिले के अधिकतर केंद्रों पर आयरन की गोलियां ही नहीं है। इसके अलावा विफ्स रजिस्टर भी नहीं है।
एनिमिया मुक्त भारत अभियान के तहत किशोरियों को आयरन की गोली हर बुधवार को दी जानी हैं। इससे उनमें खून की कमी नहीं रहती है और उनका आगे का जीवन बेहतर रहता है। आयरन की गोलियों के वितरण की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी केंद्रों को दी गई है, लेकिन ज्यादातर केंद्रों से किशोरियों को दवाएं नहीं दी जा रही हैं। इसके अलावा विफ्स रजिस्टर भी केंद्रों में नहीं हैं। इस रजिस्टर में किशोरियों को दी जाने वाली दवा का पूरा रिकॉर्ड रहता है।
केस एक
- पनवाड़ी आंगनबाड़ी केंद्र में 43 बच्चे, आठ गर्भवती और पांच धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं। इसमें 10 किशोरी भी हैं। इन किशोरियों को आयरन की टेबलेट पिछले छह माह से नहीं दी गई है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री ऊषा देवी का कहना है कि वीएचएनडी सत्र में आने वालीं किशोरियों को आयरन की टेबलेट दी जाती है। आंगनबाड़ी में टेबलेट नहीं मिलती। यहां पर विफ्स रजिस्टर भी नहीं था।
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केस दो
कटरा ब्रह्मपुर आंगनबाड़ी केंद्र में कुल 97 बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें से 20 किशोरियां भी पंजीकृत हैं। यहां पर भी छह माह से आयरन की टेबलेट किशोरियों को नहीं दी गई हैं। आंगनबाड़ी आरजू ने बताया कि आशा गांव में बच्चों को आयरन की टेबलेट खिलाती हैं। आंगनबाड़ी केंद्र में पिछले दिनों विटामिन की गोलियां दी गई थीं। आयरन खिलाने को लेकर विफ्स रजिस्टर भी नहीं था।
प्रदर्शिका बोर्ड भी गायब
कटरा ब्रह्मपुर और पनवाड़ी की आंगनबाड़ी अपने घर पर ही केंद्र चला रही हैं। दोनों ही जगहों पर केंद्र का नाम प्रदर्शित नहीं है। इस वजह से लोगों को केंद्र ढूंढना मुश्किल है। इसके अलावा कटर ब्रह्मपुर केंद्र के सामने गंदगी है।
- बुधवार और शनिवार आयरन टेबलेट का वितरण किया जाता है। टीकाकरण में एएनएम और आशा दवा देती हैं। अभी की उपलब्धता के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। - प्रमोद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
पनवाड़ी आंगनबाड़ी केंद्र के बाहर नहीं है प्रदर्शिका बोर्ड। संवाद