सहसवान-दिल्ली हाईवे पर जाम लागाकर खड़े मृतकों के परिजन व ग्रामीण। संवाद
सहसवान। बाइक को टक्कर मारकर फरार वाहन चालक का पुलिस सुराग नहीं लगा सकी। इससे नाराज मृतकों के परिजनों ने गांव के लोगों के साथ हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब आधा घंटे तक लगे जाम से हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस के समझाने के बाद भी लोग नहीं माने और बल प्रयोग करते हुए उनको खदेड़ दिया गया। उसके बाद यातायात सुचारू हो सका।
गांव सुकर्रा निवासी नीरज पुत्र चंद्रपाल, उमेश पुत्र रामलाल और लोकेश पुत्र ओमकार की बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने बुधवार शाम करीब छह बजे टक्कर मार दी थी। इस हादसे से तीनों की मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया और परिजनों को साैंप दिया। दोपहर करीब दो बजे तीनों के शव गांव लाए गए तो कोहराम मच गया।
इसी दौरान ग्रामीणों ने टक्कर मारने वाले वाहन चालक को पकड़ने की मांग करते हुए सहसवान- दिल्ली हाईवे पर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस अभी तक वाहन और चालक का पता नहीं लगा सकी है। मुकदमा भी दर्ज नहीं किया गया है। जाम लगने पर पुलिस मौके पर पहुंची। परिवार के लोगों को कार्रवाई का आश्वासन भी दिया, लेकिन वह चालक को पकड़ने की मांग पर अड़े रहे। करीब आधा घंटे तक समझाने के बाद ग्रामीण नहीं माने। ऐसे में पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए ग्रामीणों को खदेड़ दिया। इससे वहां पर करीब 10 मिनट तक भगदड़ का माहौल रहा। इसके बाद जाम खुल गया।
शाम को गंगा घाट पर तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया तो हर आंख नम हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। थाना प्रभारी राजेंद्र बहादुर ने बताया कि कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया गया है।