आरोपी के भाई पर लग चुके हैं मारपीट के आरोप
अजय का भाई केशव भी इलाके में अपने आक्रामक व्यवहार और दबंगई के लिए जाना जाता है, जिस पर मारपीट जैसे आरोप लगते रहे हैं। वहीं, तहेरे भाई अभय प्रताप सिंह का नाम भी कई विवादित घटनाओं में सामने आ चुका है। वर्ष 2023 में बरेली जिले के आंवला स्थित एथनॉल प्लांट में इंजीनियरों के कथित अपहरण के मामले में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके अलावा सैंजनी में निर्माणाधीन महिला पीएसी बटालियन भवन पर तैनात गार्डों से मारपीट के आरोप भी उस पर लग चुके हैं।
राजनीतिक संरक्षण से बढ़ता गया दबदबा
स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि इस परिवार की पकड़ केवल आपराधिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि समय के साथ इनकी राजनीतिक पहुंच भी मजबूत होती गई। विभिन्न राजनीतिक दलों से नजदीकी और सफेदपोश नेताओं के साथ संबंधों के चलते इस परिवार ने प्रशासनिक तंत्र में भी अपनी पैठ बना ली। यही कारण रहा कि कई मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी और इनकी दबंगई लगातार बढ़ती गई।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने बढ़ाई चर्चा
सैंजनी कांड के बाद सोशल मीडिया पर अजय प्रताप सिंह और उसके परिजनों की कई राजनीतिक लोगों के साथ तस्वीरें तेजी से वायरल हो चुकी हैं। इन तस्वीरों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। बताया जा रहा है कि यह परिवार समय के अनुसार अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़ता रहा और इसी के सहारे अपने प्रभाव को बनाए रखा।
इलाके में अब भी खौफ का माहौल
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस परिवार का इतना भय बना हुआ था कि कोई भी इनके खिलाफ खुलकर आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पाता था। अब इस हत्याकांड के बाद लोग धीरे-धीरे अपनी बातें सामने रख रहे हैं, लेकिन डर का माहौल अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सैजनी कांड ने न केवल एक जघन्य अपराध को उजागर किया है, बल्कि उस ‘दबंग तंत्र’ की परतें भी खोल दी हैं, जो लंबे समय से इलाके में सक्रिय था। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटे हैं।
शस्त्र निरस्तीकरण की चल रही प्रक्रिया
आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार के शस्त्र लाइसेंसों की जांच चल रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभी तक एक लाइसेंस इस परिवार में होने की बात सामने आई है। इसके अलावा और कितने लाइसेंस है, इसकी जांच की जा रही है। लाइसेंस निरस्तीकरण की भी प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही दोहरे हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ एनएसए लगाने की भी कार्रवाई पुलिस ने तेज कर दी है।
डीएम अवनीश राय ने बताया कि जो भी आरोपी हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई लगातार जारी है। आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी चल रही है। दोषियों के खिलाफ एनएसए भी लगाया जाएगा।