बदायूं। भ्रष्टाचार को लेकर जिले की तस्वीर प्रदेश में खराब हो रही है। एंटी करप्शन की टीम ने दस दिन में दूसरे भ्रष्टाचारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इससे पहले 21 जनवरी को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते लेखपाल गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2025 में 25 से अधिक सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते पकड़ा था।
एंटी करप्शन की टीम ने इस्लामनगर थाने में 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते महिला इंस्पेक्टर सिमरनजीत कौर को 28 मई 2025 को गिरफ्तार किया था। उन पर दुष्कर्म पीड़िता के खिलाफ दर्ज आईटी एक्ट के मुकदमे की विवेचना के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप था। इसके अलावा कादरचौक थाने के अंदर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल प्रवेंद्र कुमार को एंटी करप्शन की टीम ने 21 जून को गिरफ्तार किया था। हेड कांस्टेबल प्रवेंद्र कुमार और दरोगा महेश कुमार छेड़खानी व मारपीट के मामले को खत्म कराने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।
1 जुलाई को चौकी इंचार्ज दानपुर धर्मवीर सिंह को एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा। उन पर शिकायती पत्र के आरोपी को धमकाने का आरोप था। उन्होंने 20 हजार रुपये में मामला निपटाने को कहा था, लेकिन बाद में बात 10 हजार रुपये में तय हो गई। पीड़ित मनोज कुमार ने एंटी करप्शन टीम को सूचना दे दी। 11 जुलाई 2025 बृहस्पतिवार दोपहर चौकी इंचार्ज रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिए गए। 21 जनवरी को बिसौली में लेखपाल तो शुक्रवार को बिजली विभाग का जेई टीम को रिश्वत लेते मिल गया।