गांव खेड़ादास में प्रशासन की टीम पानी े सैंपिल लेते हुए। संवाद
ओरछी। गांव खेड़ादास में सबमर्सिबल बोरिंग से कच्चे तेल जैसा ज्वलनशील पदार्थ निकलने के मामले में मंगलवार को प्रशासन सक्रिय हुआ। हकीकत जानने के लिए प्रशासन द्वारा भेजी टीम ने मौका मुआयना किया और सैंपल लिए। टीम में ऑयल कंपनी के अधिकारी, नायब तहसीलदार बिसौली आनंद राय और आपूर्ति निरीक्षक बिसौली पीयूष गंगवार शामिल रहे। फैजगंज बेहटा के पेट्रोल पंप स्वामी व लेखपाल की मौजूदगी में सबमर्सिबल चलवाकर विभिन्न स्रोतों के सैंपल लिए गए। सैंपल सील कर लैब भेजे गए हैं।
खेड़ादास निवासी ठाकुर अतुल सिंह ने बताया कि पेयजल के लिए उन्होंने 10 वर्ष पूर्व 90 फुट पर बोरिंग कराया था। पानी की कमी होने पर दोबारा 120 फुट तक बोरिंग बढ़वाया। पहले पानी सही आया, लेकिन गहराई बढ़ने पर पानी के साथ कच्चे तेल जैसा चिकना पदार्थ और तीखी गंध आने लगी।
सोमवार को ग्रामीणों ने माचिस से जलाया तो उसमें आग लग गई। मोटर खराब होने पर नई मोटर डलवाते समय बोरिंग डीप कराई गई थी। इसके बाद यह मामला सामने आया।
खबर प्रकाशित होने पर मंगलवार सुबह से ही अतुल सिंह के दरवाजे पर तमाशबीनों का तांता लगा रहा। प्रशासनिक टीम ने कई घंटे रुककर गंभीरता से जांच की। अधिकारियों ने अलग-अलग गहराई पर पंप चलवाकर पदार्थ की ज्वलनशीलता परखी। आपूर्ति निरीक्षक पीयूष गंगवार ने बताया कि सैंपल पैक कर विस्तृत जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही टीम किसी नतीजे पर पहुंचेगी।
गांव खेड़ादास में प्रशासन की टीम पानी े सैंपिल लेते हुए। संवाद