बरेली/बदायूं। राशन के चावल घोटाले से जुड़े मामले में प्रशासन व सहकारिता विभाग के अफसरों ने मिल मालिक को जो अभयदान दिया, उसका उसने फायदा उठा लिया। सूत्र बताते हैं कि दबिश से पहले घर से फरार मिल मालिक और पार्टनर ने हाईकोर्ट में वकील खड़ा कर लिया है और आरसी को ही गलत साबित कर स्टे लेने की तैयारी है।
बदायूं के असधरमई स्थित बाबा निहाल सिंह चावल मिल से हुए चावल घोटाले की गूंज पूरे प्रदेश में है और दूसरे जिलों के अफसर भी अपने यहां व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटे हैं। वहीं बदायूं में घोटाला खुलने के करीब दस दिन बाद भी आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी है, साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर भी चाबुक नहीं चल सका है। इस बीच सहकारिता व संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मिल मालिक शिवओम मिश्रा व उसके पार्टनर मुकेश सिंह को यह आधार बताकर कानूनी कार्रवाई में दस दिन की छूट दे दी थी कि वह बकाया रकम जमा कर देगा। सूत्र बताते हैं कि आरोपियों की रुपया जमा करने की मंशा नहीं है। उन्होंने हाईकोर्ट का रास्ता चुना है और आरसी के आधार पर ही राहत लेने के लिए पैरवी में लगे हैं। इसके लिए वहां कुछ वकीलों से भी बात की गई है। ऐसे में अगर स्टे मिला तो आरोपी कानूनी कार्रवाई से भी बच जाएंगे और उनसे वसूली करना भी मुश्किल होगा।
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वर्जन
- आरोपी मिल मालिक पुलिस के डर से भाग गया है। उसने कुछ रकम जमा भी है। उसकी तलाश की जा रही है। आरसी की वसूली और कानूनी कार्रवाई दोनों ही की जाएंगी। - मुन्नालाल, एआर कोऑपरेटिव बदायूं