बदायूं। बिसौली ब्लॉक के पैगा भीकमपुर संविलियन स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका अर्चना वार्ष्णेय कर्मठता की मिसाल हैं। उन्होंने खुद के प्रयास और जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की मदद से अपने स्कूल को मॉडल बनाया है। स्कूल के बच्चे शिक्षा के अलावा खेल व अन्य गतिविधियों में प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को मात दे रहे हैं।
संविलियन विद्यालय पैगा भीकमपुर बेसिक शिक्षा विभाग के उत्कृष्ट विद्यालयों में से एक है। वर्ष 2006 से अर्चना इसी विद्यालय में सेवाएं दे रहीं हैं। पहले वह इस विद्यालय में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात हुईं थीं। उस समय विद्यालय की चहारदीवारी न होने से आवारा पशुओं का बसेरा रहता था। बच्चों का पहनना व बोलना भी ठेठ देहाती था। उस वक्त की प्रधानाध्यापिका रहीं स्व. फय्याज फातिमा के सहयोग से अर्चना ने छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित कर उनके रहन-सहन, पहनावे आदि को उत्कृष्ट बनाया। सामुदायिक सहयोग से चहारदीवारी करवाई।
इनरव्हील क्लब बिसौली व अन्य संस्थाओं से जुड़ीं अर्चना वार्ष्णेय ने अपने निजी प्रयासों से जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लिया। किसी से इन्वर्टर, किसी से खिलौने लेकर उन्होंने पढ़ाई का माहौल बनाया और विभाग से भी लिखापढ़ी कर संसाधन जुटाए। अब स्कूल का शानदार भवन है तो इंसीनरेटर, बिजली व्यवस्था, पुस्तकालय, खेल का सामान तक उपलब्ध है।
अर्चना के ही प्रयास से स्कूल में कंपोजिट ग्रांट के अंतर्गत भौतिक परिवेश व व्हाइट बोर्ड समेत बहुत सी आवश्यक दैनिक वस्तुओं व टाई बेल्ट आदि की व्यवस्था की गई है। ग्राम प्रधान के प्रयास से मल्टीपल हैंडवाश टैंक को सबमर्सिबल सहित बनवाया गया। नई प्रधान सुनीता देवी ने विद्यालय में टॉयल्स लगवाई हैं। निजी प्रयास की वजह से स्कूल को इनरव्हील क्लब की अध्यक्ष व जिले की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव ने गोद लिया है।
क्लब से स्कूल को दिव्यांग शौचालय व अन्य सहूलियत दी गईं हैं। स्टेट बैंक बिसौली द्वारा पांच पंखे, ओरिएंटल बैंक द्वारा वाटर प्यूरीफायर, अलमारियां आदि उपलब्ध कराई गईं हैं। स्कूल में बच्चों की नामांकन संख्या बढ़ने के साथ ही 90 फीसदी तक उपस्थिति है। कई विद्यार्थी राज्य स्तर तक पुरस्कृत हो चुके हैं। संवाद