गायत्री शक्तिपीठ पर आयोजित संगोष्ठी में बोलते प्रांतीय संयोजक शिवकुमार श्रीवास्तव। स्रोत-स्वयं
बदायूं। गायत्री शक्तिपीठ आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा को लेकर शनिवार को संगोष्ठी हुई। बच्चों, युवाओं को संस्कार और संस्कृति से जोड़ने के लिए शांतिकुंज हरिद्वार की ओर परीक्षा कराई जाएगी। इसमें जिले के बेसिक, माध्यमिक, महाविद्यालयों के अलावा सीबीएसई, आईसीएसई से संचालित विद्यालयों के विद्यार्थी प्रतिभाग करेंगे। यह परीक्षा सात नवंबर को होगी।
शांतिकुंज हरिद्वार से आए भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के प्रांतीय संयोजक शिवकुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा बुद्धि और विद्या आचरण को सुधारती है। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा बच्चों में विद्या के सूत्र विकसित कर चरित्रवान और संस्कारवान बनाती है। उन्होंने कहा कि युवा शरीर से स्वस्थ, मन से स्वच्छ, बुद्धि से तेजस्वी, व्यवहार से शालीन और स्वभाव से सेवाभावी होता है।
प्रांतीय सहसंयोजक एचपी गुप्ता ने कहा कि व्यक्ति विकृत संस्कृति को लेकर जीवन जी रहा है। विलुप्त हो रही संस्कृति का श्रेष्ठ संस्कारों से बीजारोपण करना होगा। उन्होंने कहा कि जिले के हर विद्यालय में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा हो। इसके लिए आत्मीय परिजनों को सार्थक प्रयास करने होंगे। जिला समन्वयक नरेंद्र पाल शर्मा ने बताया कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का संदेश यज्ञ, दीपयज्ञ, संस्कारों के माध्यम से घर-घर पहुंचाया जा रहा है। इस मौके पर परिव्राजक सचिन देव, प्रेमचंद शर्मा, संजीव कुमार शर्मा, जगदंबा सहाय, रामचंद्र प्रजापति, मनोज कुमार मिश्रा, बाबूराम पाल आदि मौजूद रहे।